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उदयपुर की ताजा खबर Udaipur Latest News 22 February 2023 उदयपुर की ताजा खबर Udaipur Latest News 22 February 2023 उदयपुर की ताजा खबर Udaipur Latest News 22 February 2023

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Feb 22, 2023
  • हेलो फ्रेंड्स हम हाजिर हैं आज की अपडेट्स लेकर….
  • नेटफ्लिक्स और ट्वीटर के बाद अब फेसबुक और इंस्टाग्राम के लिए भी ब्लू टिक के लिए पेड सर्विस शुरू कर दी गई हैं हालांकि अभी इसे भारत में शुरू नहीं किया गया है। वही Meta ने भी पेड सर्विस “Meta Verified” की घोषणा कर दी है। जिसके लिए अब Facebook और Instagram पर ब्लू टिक हासिल करने के लिए यूजर्स को चार्ज देना होगा।
  •  भारतीय सेना ने दिमाग और ताकत का सही समायोजन करने के लिए अपनी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया है।  पहले भर्ती प्रक्रिया के अंत में एक लिखित परीक्षा होती थी, लेकिन अब पहली बात यह जरूरी होगी कि भर्ती होने वाले लोग शारीरिक रूप और मानसिक रूप से मजबूत हों। अन्य जांच जैसे शारीरिक और चिकित्सा जांच लिखित परीक्षा के बाद की जायेंगी। भर्ती प्रक्रिया में दूसरा बड़ा बदलाव यह किया गया है कि उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए 500 रुपये का शुल्क देना होगा। उन्होंने कहा कि इस राशि में से भारतीय सेना 250 रुपए वहन करेगी जबकि उम्मीदवार को केवल 250 रुपए का भुगतान करना होगा।अग्निवीर’ के रूप में भर्ती के लिए पंजीकरण प्रक्रिया इस महीने की शुरुआत में जारी देशव्यापी अधिसूचना के साथ शुरू हो गई है  ऑनलाइन पंजीकरण वर्ष में केवल एक बार किया जा सकता है। संशोधित भर्ती प्रक्रिया के अनुसार, भर्ती रैली से पहले कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन साझा प्रवेश परीक्षा (सीईई) आयोजित की जाएगी। सेना ने प्रक्रिया में बदलाव के संबंध में हाल में विभिन्न समाचार पत्रों में विज्ञापन दिया था।

     भर्ती तीन चरणों में की जाएगी। पहले चरण में, वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन करने वाले सभी उम्मीदवारों को सीईई से गुजरना होगा।  चरण दो में, चयनित उम्मीदवारों को संबंधित सेना भर्ती कार्यालयों (एआरओ) द्वारा तय किए गए स्थान पर भर्ती रैली के लिए बुलाया जाएगा, जहां वे शारीरिक फिटनेस परीक्षण और शारीरिक माप परीक्षण से गुजरेंगे। बयान के अनुसार अंत में चरण तीन में, चयनित उम्मीदवारों को चिकित्सा जांच से गुजरना होगा।

    20 जनवरी 2023 से 31 जनवरी 2023 को राजस्थान के सभी जिलों के लिए आयोजित सेना भर्ती के नर्सिंग असिस्टेंट/ नर्सिंग असिस्टेंट (वेटनरी) और सैनिक धर्म गुरु पदों के लिये लिखित परीक्षा का आयोजन 24 ग्रेनेडियर्स शारीरिक प्रशिक्षण मैदान, जयपुर में दिनांक 26 फरवरी 2023 को किया जाएगा I  अभ्यर्थी अपना एडमिट कार्ड लेकर दिये हुए स्थान पर उचित समय पर पहुंचे I

    ब्रज की होली विश्‍व प्रसिद्ध है. पूरे ब्रजमंडल में होली करीब सवा महीने तक चलती है. बसंत पंचमी से शुरू होने के साथ ही धुलेंडी तक ब्रज में अलग-अलग तरह से होली मनाई जाती है. बेहद दिलचस्‍प है कि होली का त्‍यौहार जितने प्रकार से पूरे ब्रज क्षेत्र में मनाया जाता है उतने प्रकार से विश्‍व में कहीं नहीं मनाया जाता.यहां रंगों की होली, गुलाल की होली, लठ्ठमार होली, लड्डू होली, फूलों की होली, हुरंगा, होलिका दहन, कीचड़ की होली, धुलेंडी पर दही और हल्‍दी की होली, मंदिरों में फाग और समाज गायन, फालैन में होली से पंडा का गुजरना सहित दर्जनभर तरीकों से होली मनाई जाती है.ब्रज के मंदिरों में प्रिया-प्रियतम यानि राधा-कृष्‍ण तो होली खेलते ही हैं, इस रंग और गुलाल में भक्‍त भी सराबोर होकर आते हैं. खासतौर पर बरसाना, वृंदावन, मथुरा, नंदगांव और दाऊजी के मंदिरों में अलग-अलग दिनों में होली धूमधाम से मनाई जाती है.फुलैरा दौज से फूलों की होली का आयोजन ब्रज के सभी प्रमुख मंदिरों में हो जाता है. बरसाना और वृंदावन में खासतौर पर मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है. बरसाना के राधारानी में मंदिर में फुलैरा दौज के दिन पूरे दिन फूलों की होली होती है. राधा-कृष्‍ण को फूलों से होली खिलाने के साथ ही मंदिरों के सेवायत आने वाले भक्‍तों पर फूल बरसाते हैं.बरसाना की लड्डू होली जग प्रसिद्ध है. लठ्ठमार होली से एक दिन पहले मनाई जाती है. इस दिन टनों लड्डू राधारानी मंदिर के परिसर में लुटाए जाते हैं. इस बार 27 फरवरी को बरसाना में लड्डू होली मनाई जा रही हैबरसाना की लठ्ठमार होली इस बार 28 फरवरी 2023 को मनाई जा रही है. इस दिन बरसाना की गोपियां नंदगांव के हुरियारों पर प्रेम में पगे लठ्ठ बरसाती हैैं. नंदगांव से बरसाना आकर हुरियारे फाग गाते हैं और रंग फेंकते हैं. बरसाना की लठ्ठमार होली विश्‍व प्रसिद्ध है. इसे देखने देश-विदेश से लोग आते हैं. इसी प्रकार की लठामार होली नंदगांव में भी होती है हालांकि वह बरसाना के एक दिन बाद होती है. इस बार नंदगांव में 1 मार्च को लठामार होली होगी. वैसे तो वसंत पंचमी से ही लेकिन वृंदावन में रंग भरनी एकादशी से होली का विशेष शुभारंभ हो जाता है. इस दिन वृंदावन की परिक्रमा देने के लिए भक्‍त आते हैं और पूरी परिक्रमा में रंग और गुलाल उड़ता है. शाम को हाथी की सवारी निकलती है और गुलाल से पूरा वृंदावन नहा उठता है. वहीं सभी मंदिरों में भी रंग और गुलाल भर-भर कर उड़ने लगता है. रंगभरनी एकादशी इस बार 3 मार्च 2023 को है. सभी लोगों को एक बार वृंदावन में होली मनाने जरूर जाना चाहिए.रंग भरनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी को गोकुल में छड़ीमार होली खेली जाती है. इस बार 4 मार्च को गोकुल में छड़ीमार होली का आयोजन होने जा रहा है. इस दिन गोकुल के कान्‍हा रूपी लोग इकठ्ठे होकर खेलते हैं और गोकुल की महिलाएं छड़ी से मारती हैं. होली का यह रूप भी काफी प्रसिद्ध है. इसे देखने भी बाहर से लोग पहुंचते रंग भरनी एकादशी के अगले दिन द्वादशी को गोकुल में छड़ीमार होली खेली जाती है. इस बार 4 मार्च को गोकुल में छड़ीमार होली का आयोजन होने जा रहा है. इस दिन गोकुल के कान्‍हा रूपी लोग इकठ्ठे होकर खेलते हैं और गोकुल की महिलाएं छड़ी से मारती हैं. होली का यह रूप भी काफी प्रसिद्ध है. इसे देखने भी बाहर से लोग पहुंचते पूरे ब्रज में होलिका दहन को विधि-विधान से मनाया जाता है. इस बार 6 मार्च को होलिका दहन होगा. पूरे ब्रज क्षेत्र में हर गांव, कस्‍बे और शहर के चौराहों पर लकड़‍ियों,घास, फूस, गाय के गोबर से बने उपलों, गूलरी आदि की होली रखी जाती है. सुबह घरों से महिलाएं नए-नए कपड़े पहनकर होली पूजन करने जाती हैं. उसके बाद शाम को शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है. सभी लोग अपने-अपने घरों में रखी होली के लिए यहीं से आग लेकर जाते हैं और घरों में जौ व गेंहू की बालों को भूनते हैं. एक दूसरे के घर जाते हैं और गले लगते हैंहोलिका दहन वाले दिन ब्रज के फालैन में बड़ा मेला लगता है. यहां रात को होलिका दहन के बाद पहले से पूजा-अर्चना पर बैठा पंडा होली की धधकती आग के बीचों-बीच से नंगे पांव निकलता है. इस दृश्‍य को देखकर लोग दांतों तले उंगलियां दबा लेते हैं. यह परंपरा कई सालों से यहां निभाई जा रही है. देश-विदेश से लोग फालैन के इस प्रह्लाद को देखने के लिए जाते हैं. इस बार 6 मार्च को रात में होलिका दहन के तुरंत बाद पंडा आग से निकलेगा.होलिका दहन के अगले दिन धुलेंडी होती है. इस दिन पूरे ब्रज में सभी ब्रजवासी एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं व गले मिलते हैं. सभी मंदिरों में होली होती रहती है. इस बार 7 मार्च को धुलेंडी है. मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में भी इसी दिन होली का विशेष आयोजन होता है. खास बात है‍ कि इस दिन वृंदावन में परंपरा है कि दोपहर 2 बजे तक ही होली होती है, उसके बाद लोग नए-नए कपड़े पहनकर मंदिर जाते हैं और बाहर निकलते हैं और कोई भी उनपर रंग या गुलाल नहीं डालता है. इस परंपरा का आज भी सख्‍ती से पालन होता है.धुलेंडी के अगले दिन बल्‍देव दाऊजी मंदिर में हुरंगा मनाया जाता है. हुरंगा के लिए अभी से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. 8 मार्च को इस बार दाऊजी में हुरंगा होगा. इस दिन दाऊजी मंदिर प्रांगण में बल्‍देव की महिलाएं लाठियां लेकर और लहंगे-चूनर पहनकर इकठ्ठा होती हैं. वहीं आसपास के हुरियारे होली खेलने आते हैं और फाग गाते हैं. इस तरह कई घंटे तक यह दिचलस्‍प हुरंगा खेल वहां चलता रहता है. दाऊजी का हुरंगा भी जग प्रसिद्ध रंग, गुलाल और फूल ही नहीं ब्रज के गांवों में कीचड़ और गोबर से भी होली खेली जाती है. ब्रज के कई गांवों में लोग गोबर को पानी में मिलाकर बाल्टियों में भरकर एक-दूसरे पर डालती हैं. कई जगहों पर कीचड़ से भी होली खेली जाती है. हालांकि ऐसी कोई परंपरा नहीं है लोग सिर्फ आनंद के लिए ऐसा करते हैं.कहा जाता है कि जिसने जीवन में एक बार ब्रज की होली नहीं देखी उसने कुछ नहीं देखा.  निश्चित ही इस अनुभव को जीवन भर भूलना मुश्किल होगा.

    होली का त्योहार करीब आता देख रेलवे ने यात्रियों को सुगम यातायात की सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से कुछ ट्रेनों को फिर से चलने का फैसला किया है। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में होने वाली भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने रद की गई ट्रेनों को फिर से बहाल करने का निर्देश दिया है। इस फैसले से रेल यात्रियों को बहुत राहत मिलने की उम्मीद है।होली ऐसा त्योहार है, जिस पर सब लोग अपने घर जाना चाहते हैं। सबकी तमन्ना होती है कि वो यह त्योहार अपने प्रियजनों के बीच मनाए। होली में अब अधिक दिन नहीं बचे हैं। जैसे-जैसे त्योहार नजदीक आएगा, ट्रेनों में भीड़ बढ़ती जाएगी। इसके मद्देनजर रेलवे अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। हाल के दिनों में रेलवे ने कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।होली के मद्देनजर रेलवे निरस्त ट्रेनों को फिर से बहाल कर रहा है। होली पर यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे पहले ही कई विशेष ट्रेनों को चला रहा है। रेलवे ने देश के बड़े शहरों से छोटे शहरों को जोड़ने के लिए साप्ताहिक ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है।

    Vice principal की डीपीसी के उपरांत लिस्ट जारी।

    राज्यपाल बुधवार को राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड संस्था के जगतपुरा स्थित राज्य प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने आह्वान किया कि यह संगठन स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का प्रसार करते हुए ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ के लिए कार्य करे।  स्काउट- गाइड सिर्फ संगठन नहीं बल्कि वह विचार है जिससे विद्यार्थियों में स्वयंसेवक के रूप में कार्य करने की भावना का प्रसार होता है। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड से युवा पीढ़ी को जो संस्कार मिलते हैं, उनसे व्यक्ति जीवन में निरंतर आगे की ओर बढ़ता है।अगर नई पीढ़ी को बचपन से ही अच्छे संस्कारों की शिक्षा मिलती है तो उससे विद्यार्थीयों का ही सर्वांगीण विकास नहीं होता बल्कि इससे राष्ट्र और समाज भी सुदृढ़ होता है। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड संगठन इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों को वह प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, जिससे वे कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करने के लिए तैयार होते हैं।राज्यपाल ने गत दस वर्ष से लगातार राष्ट्रीय स्तर की चीफ नेशनल कमिश्नर शील्ड प्रदेश को मिलने पर राजस्थान राज्य संगठन की सराहना की। उन्होंने प्रदेश में स्काउट-गाइड की संख्या 13 लाख होने और राष्ट्रीय स्तर पर 9 अवार्ड मिलने के लिए भी राजस्थान राज्य संगठन को बधाई दी। क्त जनजागृति अभियान, स्वच्छता अभियान संचालित किए जाने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। राज्यपाल ने कार्यक्रम में जम्बूरी आयोजन में उल्लेखनीय सहयोग के लिए प्रशासनिक अधिकारियों एवं अन्य सहयोगियों को धन्यवाद बैज और मेडल ऑफ मेरिट प्रदान किए। उन्होंने कोविड काल में एवं अन्य सामाजिक गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्य के लिए विभिन्न मण्डल के स्काउट गाइड एवं रोवर रेंजर्स को सम्मानित किया।

    भाजपा के कद्दावर नेता  ने असम के राज्यपाल के पद की शपथ ली। मुख्य न्यायाधीश  ने  शपथ दिलाई इस दौरान बड़ी संख्या में राजस्थान के लोग भी मौजूद रहे। समारोह में राज्यपाल संग सीएम  भी दिखे तो वहीं उदयपुर स्थित  कार्यालय में लाइव टेलीकास्ट लोगों ने देखा।

    एन.आर.आई से रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार आर.पी.एस ऑफिसर  की जमानत याचिका कोर्ट द्वारा ख़ारिज कर दी गई। चार में से दो आरोपी  की याचिका भी मंगलवार को ख़ारिज कर दी गई थी। गौरतलब है की रिश्वत मांगने के मामले में  निलंबित RPS  को जयपुर एसीबी की टीम द्वारा तीन अन्य आरोपियों सहित गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था और 27 फरवरी तक उन्हें अन्य आरोपियों सहित न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था।

    । उदयपुर के गोगुन्दा में हुई घटना के बाद अब संभाग के राजसमंद जिले में  प्रतिमा खंडित करने का एक मामला सामने आया । घटना राजसमन्द ज़िले के कांकरोली थाना क्षेत्र के कोयड़ गांव में हुई जहाँ किसी असामाजिक तत्व ने  मंदिर में प्रतिमा को खंडित कर दिया।

     

    • सेंसेक्स

    • बम्‍बई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक आज 882 अंक लुढ़क कर 59 हजार 791 पर बंद हुआ। नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज का निफ्टी भी 265 अंक टूटकर 17 हजार 562 पर आ गया।
    • सर्राफा
      उदयपुर में दोनों कीमती धातुओं के भाव इस प्रकार रहे
      सोना 22 कैरेट 1 ग्राम₹  5314सोना 24 कैरेट 1 ग्राम ₹ 5,580
      चांदी 1 किलो बार का भाव रहा ₹₹ 72000
  • मौसम
  • पश्चिमी विक्षोभ के असर से आज राजस्थान के कई शहरों में आसमान में हल्के बादल छाए। साथ ही अलवर, सीकर और झुंझुनूं में सुबह घना कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी 70 मीटर तक रह गई। इससे राज्य के कई शहरों में तापमान में गिरावट हुई, हालांकि गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिली। सामान्य से 4-5 डिग्री से तापमान होने के कारण पूरे प्रदेश में गर्मी का असर तेज बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक राज्य में गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है। वहीं, 26 फरवरी से प्रदेश में तापमान और ज्यादा बढ़ने की आशंका जताई है, इससे गर्मी के तेवर और तेज होंगे।जयपुर मौसम केंद्र से जारी रिपोर्ट देखें तो अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चूरू, जयपुर, जोधपुर, पिलानी, सीकर, गंगानगर, उदयपुर समेत कई शहरों में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर बना हुआ है। इस कारण इन शहरों में अब सुबह-शाम की सर्दी भी खत्म हो गई। कोटा, जोधपुर, जैसलमेर, जयपुर के अलावा अन्य कई शहरों में रात का मिनिमम टेम्प्रेचर 17 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने लगा है। वातावरण में नमी कम होने से अब दिन में गर्म हवाएं भी चलनी शुरू हो गई।

    राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण आज सुबह शेखावाटी बेल्ट के सीकर, झुंझुनूं, चूरू के अलावा अलवर के आसपास सुबह-सुबह घना कोहरा देखने को मिला। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आसमान में हल्के बादल छाने के कारण मोइश्चर और गर्मी नीचने स्तर पर ट्रेप (फंस) हो गई। इसके कारण कुछ एरिया में जहां नमी अच्छी थी वहां कोहरा छाने लग गया। हालांकि दिन निकलने के साथ ही ये आसमान साफ हो गया।

  •   पिछले 24 घंटों के दौरान उदयपुर शहर का तापमान रहा अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम  17 डिग्री सेल्सियस
  • तो ये थीं अब तक की अपडेट्स हम फिर आएंगे और अपडेट्स लेकर बने रहिए हमारे साथ…

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