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Udaipur Latest News 22 September 2023 उदयपुर की ताजा खबर Udaipur Latest News 22 September 2023 उदयपुर की ताजा खबर Udaipur Latest News 22 September 2023 उदयपुर की ताजा खबर

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Sep 22, 2023
  • हेलो फ्रेंड्स हम हाजिर हैं आज की अपडेट्स लेकर…..
  • चंद्रयान लैंडर को जगाने का प्रयास जारी भेजे गए सिगनलों का अभी कोई जवाब नहीं आ रहा
  • शुक्रवार शाम को इसरो ने एक्स पर जारी  एक बयान  में कहा, “विक्रम और प्रज्ञान से संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं. अब तक हमें इन दोनों से कोई सिग्नल प्राप्त नहीं हुआ है. इनसे संपर्क करने का प्रयास जारी रहेगा.”विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर का चंद्रमा पर जीवन केवल 14 दिन का है. चंद्रमा का एक दिन पृथ्वी के 29 दिनों के बराबर होता है. इसका अर्थ यह हुआ कि चंद्रमा पर 14 दिन का दिन और 14 दिन की रात होती है.चंद्रमा पर 23 अगस्त दिन एक दिन की शुरुआत हुई थी. इसी वजह से इसरो ने अपने लैंडर विक्रम को वहां उतारा था. चंद्रमा पर दिन का समय पूरा होने से पहले इसरो ने चार सितंबर को लैंडर और रोवर को स्लिपिंग मोड में डाल दिया था.

    लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान को काम करने के लिए बिजली की जरूरत होती है. चंद्रमा पर जब सूर्य निकलेगा तभी दोनों अपने सोलर पैनल के जरिए बिजली ले सकते हैं.लेकिन रात होने की वजह से उन्हें बिजली नहीं मिल रही है. रात के समय चंद्रमा पर तापमान में भारी गिरावट आती है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक रात में चंद्रमा पर तापमान -130 डिग्री तक गिर जाता है.

    उसके कुछ इलाकों में यह -253 डिग्री तक पहुंच जाता है.इतने कम तापमान पर रोवर और लैंडर दोनों जम जाएंगे. वे तब तक ऐसे ही रहेंगे जब तक चंद्रमा पर सूरज नहीं उगेगा.आज वहां सूरज की रोशनी फैली है लेकिन फ़िलहाल लैंडर और रोवर को एक्टिवेट नहीं किया जा सका है. वैसे यह आसान काम नहीं है.

    इसरो प्रमुख  ने इस संबंध में कहा था, “रात में, चंद्रमा पर तापमान शून्य से 200 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला जाता है. इस तरह के कठोर वातावरण में, बैट्री और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है. लेकिन हमने कुछ परीक्षण किए हैं. इसलिए, हमें उम्मीद है कि विक्रम और प्रज्ञान कठोर मौसम की स्थिति से बच सकते हैं. वो फिर से काम पर वापस आ सकते हैं.”

    इसरो चंद्रमा पर स्लीप मोड में पड़े रोवर को सक्रिय करने की कोशिश कर रहा है. इसरो का कहना है कि उसकी बैट्री भी पूरी तरह से चार्ज है. लैंडर और रोवर के रीसीवर भी ऑन हैं.अगर इसरो की योजना के मुताबिक लैंडर और रोवर सक्रिय हो गए तो वे पहले की तरह ही चंद्रमा से और जानकारियां जुटाएंगे. इन जानकारियों को वे पृथ्वी पर भेजेंगे. इसरो का कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे भारत के राजदूत के रूप में वहां सदा के लिए पड़े रहेंगे.

    अगर लैंडर और रोवर सक्रिय नहीं हुए तो उनका क्या होगा? क्या उनके भविष्य में दोबारा काम करने की संभावना है? क्या चांद पर जाने वाले दूसरे देशों के रोवर ‘प्रज्ञान’ से कोई गुप्त जानकारी चुरा सकते हैं? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जो इन दिनों लोगों के मन में उठ रहे हैं.

    भौतिकी विभाग में अंतरिक्ष भौतिकी पढ़ाने वाले प्रोफेसर पिछले छह साल से आंध्र विश्वविद्यालय की ओर से इसरो के ‘जियोस्फीयर-बायोस्फीयर’ नाम एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. वह भौतिकी विज्ञानियों की उस टीम के भी सदस्य हैं जो चंद्रयान-3 से संबंधित विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करती है.

    चंद्रमा पर रात में बिजली बना पाना संभव नहीं है. रात में चंद्रमा पर अंधेरा होता है. रात में पृथ्वी पर चंद्रमा से प्रकाश तो आता है, लेकिन उसके अपने सतह पर प्रकाश नहीं होता है. इसलिए रात के समय चंद्रमा पर रोवर का रिचार्ज होना संभव नहीं है.जो भी देश अंतरिक्ष के क्षेत्र में शोध करता है, वह चंद्रमा पर रोवर को केवल जानकारियां जुटाने के लिए ही भेजता है. ये देश रोवर को न वापस लाना चाहते हैं और न उनका बार-बार इस्तेमाल करना चाहते हैं. ऐसा इसलिए कि रोवर को वापस पृथ्वी पर लाने पर जितना खर्च आएगा, उतने में एक दूसरा मिशन पूरा किया जा सकता है.शुक्रवार को रोवर और लैंडर पर दोबारा सूर्य की रोशनी पड़ी, लेकिन अब तक उन्होंने दोबारा काम करना शुरू नहीं किया है. इस स्थिती में वे हमेशा के लिए काम करना बंद कर देंगे. क्योंकि उनको डिजाइन ही 14 दिन के जीवन के लिए किया गया है. ऐसे में वो अगर दोबारा काम करते हैं तो, यह हमारे लिए बोनस की तरह ही होगा.अगर रोवर और लैंडर दोबारा सक्रिय नहीं हुए तो उनका कोई उपयोग नहीं है, सिवाय इस बात के कि वो चंद्रमा की सतह पर कबाड़ की तरह पड़े रहेंगे.उनको दोबारा सक्रिय नहीं किया जा सकता है. इस दिशा में अब तक कोई प्रयोग नहीं हुआ है न ऐसी तकनीकी का विकास हुआ है.हालांकि, भविष्य में मौजूदा रोवर्स को सक्रिय करने के लिए कोई अन्य रोवर या कुछ और भेजने का प्रयोग अभी भी विचाराधीन है. लेकिन ऐसा होने में अभी और समय लगेगा.चंद्रमा पर भेजे जाने वाले दूसरे देशों के रोवर या किसी अन्य इकाइयों की ओर से प्रज्ञान रोवर से गोपनीय जानकारियां जुटा लेने की संभावना नहीं है, क्योंकि जब कोई दूसरा देश अंतरिक्ष में रोवर या कुछ और लांच करता है तो उससे जुड़ी जानकारियां दूसरे देशों से साझा करता है, जिससे कि प्रज्ञान से कोई नई जानकारी न जुटानी पड़े.रोवर्स जो जानकारी जुटाते हैं और हमें भेजते हैं, वो काफी मूल्यवान होती है. लेकिन वह जानकारियां रोवर्स या लैंडर्स में सेव नहीं की जाती हैं, ताकि उस उपकरण में कोई कोई गुप्त जानकारी न रहे.

  • भारतीय रिजर्व बैंक ने जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों से निपटने के निर्देशों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। आरबीआई ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जानबूझकर कर्ज न चुकाने वालों को ऐसे व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए जिसके पास 25 लाख रुपये और उससे अधिक का ऋण है। जानबूझकर ऋण न चुकाने वाले वे लोग माने जाते हैं जो भुगतान करने की क्षमता होने के बावजूद अपना ऋण चुकाने से इनकार कर देते हैं।संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी खाते के गैर-निष्पादित होने के छह महीने के भीतर ऋणदाताओं को डिफॉल्ट करने वाले उधारकर्ताओं की पहचान करनी होगी और उन्हें “जानबूझकर डिफॉल्टर” के रूप में लेबल करना होगा। इसमें कहा गया है कि जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले पुनर्गठन के पात्र नहीं होंगे। आरबीआई ने कहा कि बैंकों को एक समीक्षा समिति का गठन करना चाहिए और उधारकर्ता को लिखित प्रतिनिधित्व देने के लिए 15 दिनों तक का समय देना चाहिए, साथ ही जरूरत पड़ने पर व्यक्तिगत सुनवाई का मौका भी देना चाहिए। हालांकि, एक बार जब किसी खाते की पहचान जानबूझकर चूक करने वाले के रूप में हो जाती है, तो बैंकों को टैग हटने के एक साल बाद तक अतिरिक्त कर्ज नहीं देना चाहिए।बैंकिंग नियामक ने आगे प्रस्ताव दिया है कि गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों को भी समान मापदंडों का उपयोग करके खातों को टैग करने की अनुमति दी जानी चाहिए। आरबीआई ने नए निर्देशों पर अगले महीने की 31 तारीख तक टिप्पणियां मांगी हैं।
  • कनाडा और भारत के बिगड़ते रिश्तों के बीच कनाडा में भारतीय दूतावास ने फिलहाल वीज़ा सेवाओं पर रोक लगा दी है.

    कहा गया है कि ऑपरेशनल वजहों से फिलहाल ये सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं.कनाडा के प्रधानमंत्री  की ओर से खालिस्तान समर्थक नेता  की हत्या में भारतीय एजेंसियों पर शक जताने के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए हैं.दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को निकाल दिया है.हालांकि ये बात अभी साफ़ नहीं हुई है कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों की वजह से ही वीज़ा सर्विस रोकी गई है. इसे लेकर कनाडा में रह रहे भारतीय नागरिकों और यहां रह रहे उनके रिश्तेदारों में चिंता दिख रही है.

    कनाडा में भारतीय दूतावास बीएलएस इंटरनेशनल के साथ मिल कर भारत से जुड़ी सर्विस मुहैया कराता है.

    शुक्रवार को बीएलएस की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए संदेश में कहा गया है, “ऑपरेशनल वजहों से 21 सितंबर, 2023 से अगले नोटिस तक भारत से जुड़ी वीज़ा सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं.”

    कनाडा के लिए इंडिया वीज़ा एप्लीकेशन सेंटर ने कहा है, “अगली नई जानकारी के लिए बीएलएस की वेबसाइट चेक करते रहें.”कनाडा में रहने वाले भारतीय छात्रों के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता  ने कहा, “हमने सावधानी बरतने के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. हमारा वाणिज्य दूतावास वहां काम कर रहा है. अगर उन्हें कोई समस्या आती है, तो वे हमारे वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें. हमारी वीज़ा पॉलिसी से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए क्योंकि वे भारत के नागरिक हैं.”

    कनाडा में मौजूद भारतीय दूतावास कई तरह के वीज़ा जारी करता है.

    एंट्री वीज़ा: एंट्री वीज़ा भारतीय मूल के लोगों को दिया जाता है. भारतीय मूल के लोग इस वीज़ा पर एक बार कनाडा से भारत के बीच यात्रा कर सकते हैं.

    बिज़नेस वीज़ा: बिज़नेस वीज़ा कनाडा और दूसरे देशों के उन नागरिकों को दिया जाता है, जिन्हें कनाडा में लंबे समय तक रहने की अनुमति मिली हुई है और वो कारोबार और इससे जुड़े काम से भारत की यात्रा करना चाहते हैं.

    टूरिस्ट वीज़ा: टूरिस्ट वीज़ा उन कनाडाई लोगों को दिया जाता है जो भारत की यात्रा करना चाहते है. ऐसे लोगों को कई साल के लिए ये वीज़ा मिल सकता है.

    रोज़गार वीज़ा: ये वीज़ा उन लोगों को मिलता है जो भारत में काम करना चाहते हैं. ये वीज़ा कनाडा और दूसरे देशों के उन नागरिकों को मिलता है, जिन्हें कनाडा में लंबे समय तक रहने की अनुमति मिली हुई है.

    मेडिकल वीज़ा: मेडिकल वीज़ा उन लोगों को जारी किया जाता है जो इलाज के लिए भारत जाना चाहते हैं. ये मरीजों और उनके साथ उनकी देखभाल के लिए भारत जाने वाले लोगों को दिया जाता है. इस वीज़ा का इस्तेमाल कर तीन महीने तक भारत में रहा जा सकता है.

    फ़िल्म वीज़ा: फ़िल्म वीज़ा उन लोगों को दिया जाता है जो भारत में रिसर्च वर्क करना चाहते हैं.

    स्टूडेंट वीज़ा: स्टूडेंट वीज़ा उन लोगों को दिया जाता है, जो भारत में किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई करना चाहते हैं. ये मल्टीपल एंट्री वीज़ा होता है. पढ़ाई पूरी करने तक वो भारत में कई बार आ सकते हैं.

    कॉन्फ्रेंस वीज़ा: कॉन्फ्रेंस वीज़ा उन लोगों को दिया जाता है जो भारत में किसी कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए जाना चाहते हैं. कॉन्फ्रेंस की अवधि के दौरान दिया जाना वाला ये सिंगल विजिट वीज़ा होता है.

    भारत से कनाडा जाकर बस गए वैसे लोग जिन्होंने वहां की नागरिकता ले ली है, को भारत आने के लिए वीज़ा की ज़रूरत पड़ती है. कनाडा में वीज़ा सर्विस स्थगित होने से नौकरी, बिज़नेस या ट्रेड के लिए भारत आने के ख्वाहिशमंद लोगों को वीज़ा नहीं मिल पा रहा है.भारत अपने यहां बार-बार आने के इच्छुक लोगों को ओवरसीज़ सिटिजन ऑफ इंडिया यानी ओसीआई कार्ड जारी करता है.

    जिन भारतीयों के पास विदेशी नागरिकता होती है उन्हें इस कार्ड के लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत पड़ती है. जिन लोगो को ये मिला होता है वो जितनी बार चाहें भारत की यात्रा कर सकते हैं.लेकिन जिन लोगों के पास ये कार्ड नहीं होता है उन्हें भारत की यात्रा करने के लिए अन्य विदेशी नागरिकों की तरह ही भारतीय वीज़ा की जरूरत होती है.यही वजह है कि वीज़ा सर्विस स्थगित होने से ऐसे लोगों को दिक्कतें आ रही हैं.

    कनाडा में भारत की वीज़ा सेवाओं पर रोक लगाने के फ़ैसले से भारतीय मूल के उन कनाडाई नागरिकों पर असर पड़ेगा जो कारोबार, पर्यटन या फिर अपने क़रीबी रिश्तेदारों से मिलने के लिए भारत आना चाहते हैं.

    जिनके पास ओसीआई कार्ड नहीं है, उन्हें भी भारत आने-जाने में दिक्कत होगी. इसलिए दिक्कत केवल कनाडाई लोगों के लिए नहीं है बल्कि भारतीय मूल के कनाडाई नागरिकों के लिए भी है.

    भारतीय मूल के जो कनाडाई नागरिक ओसीआई कार्ड हासिल करना चाहते हैं, उन्हें ये सेवा तत्काल नहीं मिलती है.नियम के अनुसार, कनाडा की नागरिकता हासिल करने के तीन महीनों के भीतर किसी भारतीय नागरिक को अपना पिछला पासपोर्ट भारतीय दूतावास के समक्ष सरेंडर करना होता है जिसके बाद वो पासपोर्ट रद्द कर दिया जाता है. इसके बाद ही वो ओसीआई कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं.आवेदन जमा करने के पांच से सात महीने के भीतर आवेदक को ओसीआई कार्ड जारी किया जाता है. इस बीच अगर वो व्यक्ति भारत आना चाहे तो उसे भी अन्य विदेशी नागरिकों की तरह एंट्री वीज़ा के लिए आवेदन करना होगा.

    इसे भारत की नाराज़गी जतलाने के तरीके के रूप में देखा जाना चाहिए. उम्मीद है कि टकराव की स्थिति ज़्यादा दिनों तक नहीं बनी रहेगी.कनाडा में भारतीय समुदाय के लोग लंबे समय से रहते आ रहे हैं. अगर हम कनाडा जाकर बस गए लोगों के वंशजों को शामिल कर लें तो साल 2021 की जनगणना के अनुसार, कनाडा में भारतीय मूल के 18 लाख लोग रहते हैं. ये कनाडा की कुल आबादी का 5.11 फीसदी है.कनाडा से कई लोग भारत कारोबार या फिर घूमने-फिरने के लिए आते हैं.कनाडा की सरकार में सिख समुदाय की मजबूत स्थिति है. उनके पास रक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी है. कनाडा की राजनीति पर उनका ख़ासा असर है.”इस मामले ने दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद खड़ा कर दिया है लेकिन आम लोगों पर इसका कोई असर नहीं होने वाला है. कनाडा के सिख लोग भारत सरकार से ज़रूर नाराज़ हैं लेकिन यहां रह रहे भारतीय लोगों के प्रति किसी किस्म की नाराज़गी नहीं है. यहां रहने वाले सभी भारतीय सुरक्षित हैं.”

    शिक्षा मेले के लिए हैदराबाद आए कनाडाई विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भारतीय छात्रों को एक बड़ी जानकारी दी। उन्होंने आगाह किया है कि दोनों देशों के बीच चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के कारण भारतीय छात्रों के लिए वीजा में देरी हो सकती है और जनवरी में शुरू होने वाला spring academic session संभावित रूप से बाधित हो सकता हैउन्होंने कनाडाई कॉलेजों में रुचि रखने वाले छात्रों को सलाह दी कि वे अगले अगस्त 2024 के लिए अपने academic sessionकी योजना बनाने पर विचार करें। एक प्रतिनिधि ने गुरुवार को कहा, “छात्रों के spring batch के लिए यात्रा करने के लिए केवल तीन महीने बचे हैं, ऐसी आशंका है कि वीज़ा प्रोसेसिंग समय चुनौतियां पैदा कर सकता है।” उनमें से कई ने संकेत दिया कि वे 2024 के मार्च – अप्रैल  के लिए Admit card जारी करने का निर्णय लेने से पहले स्थिति का आकलन करने के लिए एक या दो सप्ताह तक इंतजार कर सकते हैं। प्रतिनिधि ने कहा, “हम छात्रों की काउंसलिंग कर रहे हैं और उन्हें तुरंत कनाडा न जाने के लिए कह रहे हैं।” वैंकूवर के एक विश्वविद्यालय में, अध्ययन परमिट हासिल करने में संभावित देरी को रेखांकित किया गया है।राजनीतिक घटनाक्रम की दैनिक रिपोर्टों को देखते हुए, ओंटारियो विश्वविद्यालय के एक प्रतिनिधि ने कहा कि संस्थान योजनाओं को अंतिम रूप देने से पहले एक और सप्ताह इंतजार करेगा। जमीनी स्थिति के आधार पर, वे तय करेंगे कि Admit card जनवरी, मई या 2024 के लिए जारी किए जाएं, यह सुनिश्चित करते हुए कि छात्रों को वीज़ा में देरी के कारण admission postponed नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा चिंताओं के बावजूद, कनाडा उच्च शिक्षा के लिए एक उत्कृष्ट गंतव्य बना हुआ है, और राजनीतिक मुद्दे दीर्घकालिक चिंता का विषय नहीं होने चाहिए।

  • सरकार ने रेल दुर्घटनाओं और अवांछित घटनाओं में मृतकों और घायल यात्रियों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में संशोधन किया है। रेल मंत्रालय ने कहा कि मृतक व्यक्ति के परिजनों को पांच लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। सामान्‍य रूप से घायलों को 50 हजार रुपए की राशि दी जाएगी।रेल मंत्रालय ने कहा कि किसी भी अवांछित घटना में मृतक के परिजन को 1 लाख 50 हजार रुपये, गंभीर चोट के लिए 50 हजार रुपये और सामान्‍य चोट के लिए पांच हजार रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि गंभीर रूप से घायल श्रेणी के अंतर्गत अस्पताल में भर्ती यात्रियों को 30 दिनों के लिए अतिरिक्त अनुग्रह राशि भी प्रदान की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि तत्काल राहत के रूप में अधिकतम 50 हजार रुपये की राशि का नकद भुगतान किया जाएगा।
  • दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव आज शांतिपूर्ण सम्पन्न हुआ। चुनाव के लिए महाविद्यालयों में दो पालियों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन-ईवीएम के जरिए वोट डाले गए। मतों की गणना कल होगी। सुरक्षा की दृष्टि से मतदान केन्‍द्रों पर भारी संख्‍या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
  • भारत के मेडिकल स्‍नातक विद्यार्थी अब अमरीका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में स्नातकोत्तर और प्रेक्टिस कर सकते हैं। भारत के राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग -एनएमसी को 10 वर्षों के कार्यकाल के लिए प्रतिष्ठित वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेडिकल एजुकेशन-डब्ल्यूएफएमई मान्यता दर्जा से सम्मानित किया गया है। भारत के सभी मौजूदा 706 आयुर्विज्ञान कॉलेज डब्ल्यूएफएमई मान्‍यता प्राप्‍त होंगे, जबकि आगामी दस वर्षों में स्‍थापित होने वाले नए आयुर्विज्ञान कॉलेज स्‍वत: डब्ल्यूएफएमई मान्‍यता प्राप्‍त हो जायेंगे।एनएमसी भारत में आयुर्विज्ञान शिक्षा और प्रैक्टिस के निरीक्षण के लिए भारत का अग्रणी नियामक निकाय है। यह निकाय देश भर में गुणवत्तापूर्ण आयुर्विज्ञान शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करता है। इसी प्रकार डब्ल्यूएफएमई एक वैश्विक संस्‍था है जिसका मुख्‍य उद्देश्‍य आयुर्विज्ञान शिक्षा में उच्‍च वैज्ञानिक तथा नीतिपरक मानकों को बढ़ावा देने के साथ विश्‍व भर में आयुर्विज्ञान शिक्षा की गुणवत्ता को बढाना है।
  • कोटा बैराज से छोड़े गए पानी के बाद धौलपुर से गुजरने वाली चंबल नदी उफान पर है. चंबल की उफनाती तेज धारा  में नहाने उतरे 6 युवक डूब गए. गनीमत रही कि रेस्क्यू के बाद तीन युवकों को बचा लिया गया. तीन अब भी लापता है. जिनकी तलाश जारी है.  तीन बच्चों ने धौलपुर भरतपुर पेयजल योजना के नीचे लटका बिजली का तार पकड़ लिया, इससे वो डूबने से बच गए. लेकिन तीन पानी के तेज बहाव में बह गए.बिजली के तार पकड़कर लटके बच्चों को चंबल चेक पोस्ट के पुलिसकर्मियों के साथ चंबल सफारी के स्टाफ ने रेस्क्यू कर बाहर निकाला. हादसे में तीन बच्चे पानी के तेज बहाव में बह गए. नदी में पानी का बहाव तेज होने की वजह से एसडीआरएफ की टीम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.बच्चों के साथ मौजूद उनके परिजनों ने बताया कि वे लोग ग्वालियर रहने वाले हैं. उनका परिवार पहाड़ वाले बाबा पर उर्स के दौरान कव्वाली देखने आया था. कव्वाली के बाद ग्वालियर और धौलपुर के रहने वाले दोनों परिवारों के लोग चंबल नदी पर नहाने आ गए. जहां अचानक एक बच्चा पानी में डूबने लगा, जिसे बचाने के चक्कर में पांच बच्चे और नदी में चले गए. 

     

     

  • राजस्थान शिक्षक एवं पंचायती राज कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री  ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन स्कूली विद्यार्थियों को उमस और गर्मी से मिले राहत इसके लिए राज्य के वर्तमान स्कूली समय प्रातः 7:30 से 1:00 बजे तक का समय 31 अक्टूबर तक यथावत रखवाने की मांग उठाई है ,  10 से 4 बजे तक को मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए आगामी 31 अक्टूबर तक स्कूली समय परिवर्तन स्थगित कराने का  आग्रह किया है।
  • राजस्थान में भ्रष्टाचार से काली कमाई करने वाले सरकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों पर एसीबी लगातार कार्रवाई कर रही है.शुक्रवार को उदयपुर में राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो  ने उदयपुर के मावली में एक सरपंच को 3.15 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार सरपंच ने 50 हजार रुपए कैश तो 2.65 लाख रुपए चेक के माध्यम से लिए.  परिवादी ने शिकायत की कि उसके द्वारा संचालित स्कूल को आबादी भूमि पर अतिक्रमण करके बनाने की शिकायत संपर्क पोर्टल पर की गई थी. इसकी जांच में उसके पक्ष में कारवाई कर उक्त आबादी भूमि के अतिक्रमण को नियमित करने की एवज में आरोपी सरपंच चार लाख रुपये की रिश्वत मांग कर परेशान कर रहा है. परिवादी की शिकायत पर आरोपी तीन लाख 50 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ.  शिकायत के सत्यापन के बाद दल ने आरोपी सरपंच को परिवादी से तीन लाख 15 हजार रुपये (50 हजार रुपये नगद एवं स्वयं के नाम 2 लाख 65 हजार रुपये का चेक) की रिश्वत राशि के साथ गिरफ्तार किया है. इससे पहले आरोपी सरपंच ने परिवादी से 35 हजार रुपये लिए थे. आरोपी से पूछताछ की जा रही है. साथ ही आरोपी के आवास एवं अन्य ठिकानों पर तलाश जारी है. आरोपी सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है.

    बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा और  सासंद राघव चड्ढा 24 सितंबर को शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. ये शाही शादी ‘झीलों की नगरी’ में स्थित होटल में दोपहर के वक्त होगी, जिसके लिए दुल्हा-दुल्हन समेत पूरी फैमिली आज ही उदयपुर पहुंच चुकी है. बताया जा रहा है कि शादी की रस्में कल यानी 23 सितंबर से शुरू हो जाएंगी. लेकिन इस शाही शादी में बारिश परेशानी खड़ी कर सकती है. 23 सितंबर से शुरू होने वाले शाही विवाहोत्सव के पहले दिन मेहंदी और हल्दी समारोह होगा. मेहंदी के लिए हरे और गुलाबी रंग की थीम रखी गई है. वहीं हल्दी की रस्म के लिए पीले फूलों से सजावट की जाएगी. साथ ही शादी के दिन सफेद फूलों की सजावट होगी, जिसके लिए बंगाल से 60 कारीगरों की टीम बुलाई गई है, जो शादी के फूलों की सजावट का सारा काम करेगी.

    23 सितंबर 2023 को चूड़ा सेरेमनी के बाद दोपहर में लीला पैलेस में मेहमानों के लिए लंच की व्यवस्था की गई है। उसी शाम संगीत सेरेमनी होगी, जिसकी थीम 90s की होगी। इसमें 90 के दशक के गानों से शाम सजेगी।

    इस शादी की तैयारियों के साथ इवेंट के फोटो और वीडियो बाहर नहीं जाएं, इसके लिए खास तैयारी की गई है। होटल में एंट्री करने वालों के मोबाइल कैमरे पर ब्लू कलर का टेप चिपकाया जाएगा, जिससे वे शादी-समारोह में किसी तरह की वीडियो-फोटो न खींच सकें।इस ब्लू टेप की खास बात ये है कि मोबाइल कैमरे पर एक बार ब्लू टेप लगने के बाद अगर उसे कोई हटाता है तो टेप पर एक एरो का सिंबल नजर आएगा। इससे सिक्योरिटी द्वारा चैक करने पर ये पता लग सकेगा कि कैमरा यूज करने के लिए टेप को हटाया गया है।

    बताया जा रहा है कि इस शादी की प्राइवेसी को बनाए रखने के लिए एग्रीमेंट भी हुआ है। ऐसे में होटल के पूरे सिक्योरिटी सिस्टम को भी बदल दिया है। होटल में स्टाफ के अलावा कोई दूसरा यदि आता है तो उसकी पूरी स्कैनिंग की जाएगी।सिक्योरिटी का इतना ध्यान रखा जा रहा है कि होटल के स्टाफ या कर्मचारी को भी बिना कार्ड के एंट्री नहीं दी जा रही है। इन सभी के कार्ड के साथ एक यूनिक नंबर जारी किया गया है। इसे स्कैन करने के बाद ही होटल में एंट्री दी जा रही है।

    आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के जरिए किसी भी सिलेब्रिटी की आवाज को हूबहू कॉपी किया जा सकता है, फेक वीडियो तक बनाया जा सकता है, ऐसा ऑडियो-वीडियो कंटेंट बनाया जा सकता है जो पूरी तरह असली जैसा लगे। ऐसे में एआई जैसी तकनीक से मशहूर हस्तियों की तस्वीरों, आवाज वगैह के दुरुपयोग का खतरा और बढ़ गया है। आखिर पर्सनैलिटी राइट्स हैं क्या?  पर्सनैलिटी राइट किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व की रक्षा से जुड़े अधिकार हैं। संविधान में अलग से पर्सनैलिटी राइट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। यह अनुच्छेद 21 के तहत मिले प्राइवेसी के अधिकार के तहत ही आता है। संविधान में प्रेस की स्वतंत्रता के लिए अलग से कोई मौलिक अधिकार नहीं दिया गया है जबकि यह अनुच्छेद 19 (1) ए के तहत सभी नागरिकों को मिले बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी के मूल अधिकार का ही हिस्सा है। इसी तरह आसान शब्दों में कहें तो पर्सनैलिटी राइट्स किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी से जुड़ी प्राइवेसी की रक्षा करने वाले अधिकार हैं। पर्सनॉलिटी राइट्स प्राइवेसी यानी निजता के अधिकार का ही हिस्सा है। इसके अलावा कॉपीराइट, ट्रेडमार्क जैसे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट भी पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के काम आते हैं।

    पर्सनैलिटी राइट वैसे तो हर किसी के होते हैं लेकिन बड़ी और महशूर हस्तियों के मामले में यह काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। वजह ये है कि इन सिलेब्रिटीज के नाम, फोटोग्राफ या यहां तक की आवाज का भी तमाम विज्ञापनों में दुरुपयोग हो सकता है। इससे उनकी प्रतिष्ठा को चोट पहुंच सकती है। आर्थिक नुकसान हो सकता है।  कोई गन्ने के जूस की दुकान हो या फिर चौक-चौराहे की छोटी-मोटी दुकानें, उस पर फिल्मी सितारों की तस्वीरें आसानी से दिख सकती हैं। यह भी पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन है। लेकिन जब छोटी-मोटी कंपनियां अपनी सेल्स बढ़ाने के लिए सिलेब्रिटीज से जुड़ी चीजों, उनकी तस्वीरों, आवाज वगैरह का दुरुपयोग करने लगती हैं तो मामला गंभीर हो जाता है। ऐसे में इन सिलेब्रिटीज को अपने पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए अपने नाम को रजिस्टर कराना जूरूरी हो जाता है। ऐसी सिलेब्रिटी के नाम, निकनेम, तस्वीरें, उनकी नकल, आवाज वगैरह के दुरुपयोग पर रोक जरूरी है।पर्सनैलिटी राइट्स में मुख्य तौर पर दो अधिकार समाहित हैं। पहला राइट ऑफ पब्लिसिटी यानी प्रचार का अधिकार। इसके तहत किसी व्यक्ति की तस्वीर या उससे जुड़ी चीजों का बिना उसकी इजाजत या उसके साथ कॉन्ट्रैक्ट के बिना कॉमर्शियल इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। राइट ऑफ पब्लिसिटी बहुत हद तक ट्रेडमार्क की तरह ही है लेकिन इसे ट्रेडमार्क नहीं कह सकते। दूसरा अधिकार है राइट टु प्राइवेसी यानी निजता का अधिकार। यानी व्यक्ति की निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

    बीते करीब चार दिनों से उदयपुर में हो रही लगातार बारिश से शहर की में कई जगह सड़कें उधड़ चुकी हैं। सड़कों पर जगह-जगह गहरे खड्डे बन गए हैं जिनमें खासकर दुपहिया वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।

    सुखेर थाना क्षेत्र के वैदेही अपार्टमेंट के 10 मंजिल ऊपर से एक किशोरी ने कूदकर जान दे दी। स्कूल नहीं जाने पर उसे मां ने डांटा था, जिससे वह नाराज हो गई थी। पुलिस ने बताया कि वैदही अपार्टमेंट निवासी किशोरी(17)  की मौत हो गई। वह मां और छोटे भाई के साथ रहती थी और 10वीं में अध्ययनरत थी।बीते दिनों बरसात के चलते वह दो दिन से स्कूल नहीं गई थी। बरसात थमने पर भी स्कूल नहीं जाने और पढ़ाई नहीं करने पर मां ने उसे फटकार लगाई थी। ऐसे में वह स्कूल जाकर दोपहर को घर लौट आई। शाम को मां और छोटा भाई बाजार गए थे।स्थानीय लोगों ने किशोरी के परिजन और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा।

    जयपुर तक ट्रायल रन के लिए आज सुबह उदयपुर के सिटी रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो वहां मौजूद दूसरे यात्रियों को खुशी की बढ़ गई और और सेल्फी लेकर सोशल मीडिया ट्रायल ट्रेन में उदयपुर से जयपुर के कुछ पत्रकार, रेलवे का स्टाफ व सुरक्षाकर्मी शामिल हुए थे।उदयपुर से सुबह आठ बजे ट्रेन रवाना हुई और दोपहर 1.50 बजे जयपुर पहुंच गई। ट्रेन के ट्रायल में उदयपुर से जयपुर का सफर पांच घंटे 50 मिनट में पूरा हुआ।सामान्य ट्रेन में यह समय करीब आठ घंटे लगता है।ट्रेन उदयपुर शहर के राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन होकर मावली होते हुए जयपुर के लिए रवाना हुई। उदयपुर से भीलवाड़ा होकर जयपुर के इस रूट पर यह पहली वंदे भारत ट्रेन है जो 24 सितंबर से रवाना शुरू होगी। 24 को उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ प्रधानमंत्री वीडियों कॉफ्रेंसिग के माध्यम से सवा बारह बजे करेंगे। उदयपुर स्टेशन पर उदयपुर सांसद  सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी और इसके स्टॉपेज भी उदयपुर सिटी, राणा प्रतापनगर उदयपुर, मावली, चंदेरिया, भीलवाड़ा, अजमेर, किशनगढ़ होकर सीधे जयपुर होगा। स्टेशनों पर ठहराव करीब दो से तीन मिनट रहेगा।वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में चेयरकार श्रेणी  का किराया अधिकतम 850 रुपये और एक्जीक्यूटिव  श्रेणी का किराया 1800 रुपए तय है. वंदे भारत ट्रेन उदयपुर से सुबह 7:50 बजे रवाना होकर दोपहर 1:50 बजे जयपुर पहुंचेगी और वापसी में ट्रेन शाम 4:00 बजे जयपुर से रवाना होकर रात 10:00 बजे उदयपुर पहुंचेगी. 12 अप्रैल 2023 को पहली वंदे भारत ट्रेन राजस्थान को मिली थी. जो अजमेर और दिल्ली-छावनी के बीच चलती है. दूसरी वंदेभारत  7 जुलाई 2023 को शुरू की गई जो जोधपुर से साबरमती (गुजरात) के बीच चल रही है. राजस्थान का उदयपुर शहर टूरिस्ट प्लेस है और यहां आने वाले पर्यटकों के लिए यह वंदेभारत ट्रेन सुविधाजनक होगी.

     शहर के भुवाणा क्षेत्र में हॉस्पिटल के पास सड़क पर लगे एक इलेक्ट्रिक पोल पर वाई फाई कनेक्शन का फाइबर केबल डालने के लिए पोल पर चढ़े 22 वर्षीय  एक व्यक्ति की करंट लगने से मृत्यु हो गई। घटना के बाद मृतक के रिश्तदारों और समाज के लोग उसे एमबी हॉस्पिटल ले कर पहुंचे जहां करंट से गंभीर रूप से प्रभावित हुए खेमपुरा सुंदरवास निवासीको मृत घोषित कर दिया गया और उसके शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। से नाराज परिजनों ने मोर्चरी के बाहर जमा हो कर प्रदर्शन किया और जिस कंपनी में गजेंद्र काम करता था उस पर लापरवाही करने के आरोप लगाते हुए कंपनी के स्टाफ को उसकी मोत का जिम्मेदार बताया। , लेकिन घटना होने के बाद भी कंपनी का कोई भी प्रतिनिधि मोर्चरी नहीं आया। मृतक के शव को मोर्चरी के रखवा दिया गया है और पोस्टमॉर्टेम की कार्यवाही शनिवार को की जाएगी।फिलहाल मृतक के परिजन कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग कर रहे हैं।

  • भारतीय युवा पहलवान अंतिम पंघाल ने कल सर्बिया के बेलग्रेड में चल रही विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीता। भारत के लिए पेरिस ओलंपिक 2024 का कोटा भी हासिल करते हुए, 19 वर्षीय अंतिम पंघाल ने कांस्य पदक मुकाबले में दो बार की यूरोपीय चैंपियन एम्मा जोना डेनिस मालमग्रेन को 16-6 से हराया। टूर्नामेंट के मौजूदा संस्करण में यह भारत का पहला पदक है। अंतिम पंघाल ने विश्व चैंपियनशिप में भारत के लिए अब तक का 23वांं पदक हासिल किया है, जिसमें एक स्वर्ण, पांच रजत और 17 कांस्य पदक शामिल हैं।
  •  फेस्टिव सीज़न को देखते हुए  अब उदयपुर-दिल्ली के लिए अतिरिक्त उड़ान अक्टूबर में शुरू करने जा रही है। इससे पहले अगस्त से मुंबई रूट पर अतिरिक्त उड़ान शुरू की थी। वहीं, इंडिगो एयरलाइंस भी फेस्टिव सीज़न को भुनाने के लिए दो नई उड़ाने, सूरत और राजकोट के लिए पहले ही शुरू कर चुका है। इससे टूरिस्ट और फेस्टिव सीज़न में अधिक फायदा मिलेगा। वहीं, यात्रियों के पास भी उड़ानों के एक से ज्यादा विकल्प होंगे।

    विंटर शेड्यूल में विस्तारा ने 29 अक्टूबर से दिल्ली रूट के लिए उदयपुर से अतिरिक्त उड़ान शुरू करने कि घोषणा की है। उदयपुर से दिल्ली और दिल्ली से उदयपुर की उड़ान सप्ताह में सातों दिन होगी।। उदयपुर से अब दिल्ली के लिए अन्य उड़ानें मिलाकर कुल 6 उड़ानें हो जाएंगी। फ्लाइट संख्या UK636 दिल्ली से सुबह 11 बजे चलेगी और दोपहर 12.30 बजे उदयपुर पहुंचेगी। वहीं, उदयपुर से 1 बजे उड़ान भरकर और 2.40 पर दिल्ली पहुंच जाएगी।महाराणा प्रताप डबोक एयरपोर्ट से वर्तमान में 10 शहरों के लिए रोजाना 18 उड़ानें हैं।  उदयपुर से मुंबई, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, इंदौर, हैदराबाद, बेंगलुरू, अहमदाबाद, सूरत, राजकोट के लिए उड़ानें संचालित हैं। इसमें मुंबई और दिल्ली के लिए 5-5 उड़ानें हैं। वहीं बाकी शहरों के लिए 1-1 उड़ानें हैं। अब दिल्ली की अतिरिक्त उड़ान शुरू होने पर ये बढ़कर 6 हो जाएंगी और कुल 19 उड़ानें हो जाएंगी।

  • बम्बई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक 221 अंक घटकर 66,009 पर बंद हुआ। नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज का निफ्टी भी 68 अंक गिरकर 19,674 पर आ गया।
  •  ।उदयपुर में दोनों कीमती धातुओं के भाव इस प्रकार रहेसोना 22 कैरेट 1 ग्राम₹  5594 सोना 24 कैरेट 1 ग्राम ₹ 5674
    चांदी 1 किलो बार का भाव रहा ₹₹ 79000
  • मौसम
  • मौसम विभाग ने शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी करते हुए  22 से 26 सितंबर तक 16 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है जिन   में रुक-रुककर बारिश हो सकती है. बंगाल की खाड़ी में एक वेदर सिस्टम एक्टिव हुआ है जो उड़ीसा और छत्तीसगढ़ तक पहुंच चुका है. इसी का असर राजस्थान में भी देखने को मिल सकता है. इन जिलों में  भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बांरा, बूंदी, दौसा, जयपुर, अलवर, कोटा, टोंक, झालावाड़, उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा आदि जिलों का नाम शामिल है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक बार फिर मानसून की सक्रियता दिखाई देगी. पूर्वी व दक्षिणी राजस्थान सहित प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बीते दिनों अच्छी वर्षा हुई, जिससे बांसवाड़ा ,प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ आदि जिलों में जनजीवन प्रभावित नजर आया. वहीं नदियों में पानी की आवक बढ़ने से कई बांधों के गेट खोल दिए गए थे. मौसम विभाग के अनुसार 24 सितंबर को उदयपुर में बारिश हो सकती है.
  • उदयपुर में  पिछले 24 घंटों के दौरान  तापमान रहा अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम  23 सेल्सियस
  • तो ये थीं अब तक की अपडेट्स हम फिर आएंगे और अपडेट्स लेकर बने रहिए हमारे साथ.

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