• Sun. Jul 14th, 2024

Udaipur News

Udaipur News Today | Udaipur News Live | उदयपुर न्यूज़ | उदयपुर समाचार

Udaipur Latest News 26 November 2023 उदयपुर की ताजा खबर Udaipur latest News 26 November 2023 उदयपुर की ताजा खबर Udaipur Latest News 26 November 2023 उदयपुर की ताजा खबर

Byadmin

Nov 26, 2023
  • हेलो फ्रेंड्स हम हाजिर हैं आज की अपडेट्स लेकर…..
  • उन लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित  जो 26 नवंबर 2011 के मुंबई आतंकी हमलों में वीरगति को प्राप्‍त हुए थे।
  • संविधान_दिवस पर सभी को शुभकामनाएं …
  • राजस्थान में कल हुए विधानसभा चुनाव में कुल 75 .45 % मतदान दर्ज किया गया है। इस बार महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक रही है। दो विधानसभा क्षेत्रों, पोखरण में सर्वाधिक 87.79% और तिजारा में 85 .15% मतदान हुआ है।
  • राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 के लिए प्रदेश में 25 नवम्बर को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई। अब 3 दिसम्बर को मतगणना होगी। मतदान के दिन लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदाताओं ने उत्साह और उमंग के साथ सहभागिता निभाई और बढ़-चढ़कर मतदान किया। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
    प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन 2018 की तुलना में इस वर्ष 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस वर्ष प्रदेश में 75.45 फीसदी मतदान हुआ। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में 0.73 प्रतिशत मतदान की बढ़ोतरी हुई। विधानसभा चुनाव- 2023 के कुल मतदान में पोस्टल बैलेट से हुआ 0.83 प्रतिशत मतदान भी शामिल है।
    प्रदेश में 25 दिसम्बर को ईवीएम से कुल 74.62 प्रतिशत मतदान हुआ। पुरुषों ने 74.53 प्रतिशत और महिलाओं ने 74.72 प्रतिशत मतदान किया। विधानसभा चुनाव- 2018 में प्रदेश में 74.71 प्रतिशत मतदान हुआ था, जिसमें पुरुषों ने 74.75 प्रतिशत और महिलाओं ने 74.67 प्रतिशत मतदान किया था।
    ईवीएम से सबसे अधिक 88.13 प्रतिशत मतदान कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में हुआ। यहां 2018 में 86.13 प्रतिशत मतदान हुआ था। पोकरण विधानसभा क्षेत्र में इस बार 87.79 प्रतिशत मतदान हुआ, यहां वर्ष 2018 के चुनाव में 87.50 प्रतिशत मतदान हुआ था। तिजारा में पिछली बार के 82.08 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 86.11 प्रतिशत मतदान हुआ।
    पोकरण, कुशलगढ़ और तिजारा विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक महिलाओं ने क्रमशः 88.23 प्रतिशत, 87.54 प्रतिशत और 85.45 प्रतिशत मतदान किया।इस विधानसभा चुनाव में प्रदेश में ईवीएम से कुल 39211399 वोट पड़े। इनमें 18827294 वोट महिलाओं, 20383757 पुरुषों और 348 वोट थर्ड जेंडर के मतदाताओं ने डाले।
  • उदयपुर की आठ सीटों पर वोटिंग होने के साथ ही अब मतदान प्रतिशत को लेकर समीक्षा की जा रही है।। उदयपुर की 8 विधानसभा सीटों पर 73.32% वोट पड़ जो पिछले 2018 चुनाव के 73.33 % प्रतिशत के मुकाबले 0.1प्रतिशत वोटिंग बढ़ी है।

    राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर उदयपुर के झाड़ोल विधानसभा में रात तक मतदान के लिए कतार लग गई। इसके अलावा उदयपुर जिले के कुछ अन्य बूथों पर भी रात तक वोटिंग हुई। झाड़ोल विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 110 हड़मत स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बने मतदान केंद्र पर रात 10.28 बजे तक मतदान हुआ। इस बूथ पर 93.91 प्रतिशत मतदान हुआ है।

  • उत्‍तराखंड के उत्‍तरकाशी जिले में ध्वस्त सिल्‍क्‍यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। फंसे हुए श्रमिकों की हालत स्थिर है और श्रमिकों तथा बचाव कर्मियों की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाये जा रहे हैं।इस बीच फंसे हुए श्रमिकों तक पहुँचने के लिए ऊपर से खुदाई- वर्टिकल ड्रिलिंग आरंभ कर दी गई है। इसके लिए लगभग 86 मीटर खुदाई की जानी है।  ऑगर मशीन के हिस्से हटाने के बाद मलबा हटाने का काम हाथ से किया जाएगा। यदि यह प्रयास विफल होता है तो एक वैकल्पिक ड्रिफ्ट तकनीक अपनाई जाएगी।   सभी एजेंसियां सभी श्रमिकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।
  • कभी बॉलीवुड के हिट फ़िल्मों को बनाने वाले फ़िल्मकार राजकुमार कोहली का शुक्रवार को मुंबई में 94 साल की उम्र में निधन हो गया.तड़क भड़क वाली फ़िल्मी दुनिया में एक तरह से वे इन दिनों गुमनामी के दौर में ही थे लेकिन एक ऐसा भी दौर था जब मल्टीस्टारर फ़िल्मों के वे राजा कहलाते थे.राजकुमार कोहली लाहौर में पैदा हुए और 1963 में मुंबइया फ़िल्मों में आए. उन्होंने अपनी शुरुआत पंजाबी फ़िल्म से की.प्रेमनाथ और निशी को लेकर पहली फ़िल्म बनायी. फिर दारा सिंह और निशी को लेकर लुटेरा बनाई. इन्हीं निशी से उन्होंने बाद में शादी की.उनकी फिल्मों की कहानियां अंतरराष्ट्रीय उपन्यासों से ली जाती रहीं लेकिन इंटरनेट से पहले वाले जमाने में ये काम दूसरे फ़िल्मकार भी बखूबी करते रहे थे. लेकिन राजकुमार कोहली की सबसे बड़ी खूबी थी कि वे बड़े कैनवास और सेटअप वाली कथाओं को पर्दे पर भव्य ढंग से उतारने में सक्षम साबित हुए.

    उन्होंने कई सारी मल्टीस्टारर फिल्मों को बिना लेटलतीफ़ी के अपने निर्धारित सही समय में बनाकर दिखाया, ये ऐसा प्रबंधन था कि जिसे देखकर मुंबई के दूसरे बड़े फिल्मकार भी हिल गये थे.

    राजकुमार कोहली को आज जिन फ़िल्मों से जाना जाता है वे तीन बड़े सेटअप वाली फ़िल्में हैं- ‘नागिन’, ‘जानी दुश्मन’ और ‘गोरा और काला’. इनमें ‘गोरा और काला’ सबसे पहले रिलीज़ हुई थी, जिसके वे प्रॉड्यूसर थेइसकी कामयाबी से राजकुमार कोहली का हौसला ऐसा बढ़ा कि उन्होंने अगले ही साल फ़िल्म निर्देशन का ज़िम्मा भी संभाल लिया.विनोद मेहरा और माला सिन्हा की ये फ़िल्म नाकाम हो गई . लेकिन विदेशी उपन्यास और फ़िल्मों के आइडियाज़ पर उनका ध्यान लगा रहा.अमेरिकी उपन्यासकार कार्नेल वूलरिच के उपन्यास ‘द ब्राइड वोर ब्लैक’ पर उन्होंने ‘नागिन’ फ़िल्म का प्लॉट तैयार किया.

    रीना रॉय इस फ़िल्म में नागिन की भूमिका में थी, उनके पूरे करियर में इससे ज़्यादा मशहूरी किसी दूसरे किरदार से नहीं मिली.इस फ़िल्म की कामायबी के बाद उनकी हैसियत सुपरस्टार जैसी हो गई थी.

    इसी स्टार कास्ट में थोड़ा बदलाव करते हुए और शत्रुध्न सिन्हा, नीतू सिंह और विनोद मेहरा को शामिल करते हुए राजकुमार कोहली ने ‘जानी दुश्मन’ बनाई.

    अमिताभ बच्चन के स्टारडम के सामने भी ये फ़िल्म ना केवल सुपरहिट साबित हुई बल्कि हॉरर मूवी के तौर पर लोगों के जेहन में आज भी ठहरी हुई है. इसी फ़िल्म का गाना ‘चलो रे, डोली उठाओ कहार पिया मिलन की रुत आई…’ आज भी शादियों में खूब बजता है.

    नागिन’ और ‘जानी दुश्मन’ से जो कामयाबी राजकुमार कोहली को मिली, वो उसे आगे नहीं दोहरा सके.

    हालांकि ‘नौकर बीवी का’ ज़रिए उन्होंने 1983 में एक बार फिर ब्लॉक बस्टर सिनेमा ज़रूर बनाया लेकिन वे फिर से वैसा जादू नहीं दोहरा सके.नाकामी ने उन्हें लाइम लाइट से दूर ज़रूर कर दिया था लेकिन जीवन भर उनका यह अंदाज़ चला. बाद के दौर में वे अपने पुत्र के लिए इन्हीं फार्मूलों को आजमाने लगे तो वे लगातार फेल हुए और अरमान कोहली भी अभिनेता नहीं बन पाए. जिन दर्शकों ने कोहली की फिल्मों को देखा है तो वह एक बात से सहमत होंगे कि उनकी फ़िल्में जनमानस को बहुत गहरे तक जोड़े रखती हैं. उनके नकली गांव या नकली घटनाएं भी दर्शकों को कभी खले नहीं.

    उनकी फिल्मों का संपादन ऐसा होता था कि दर्शक को सोचने का मौका ही हाथ न लगे. स्पीड बहुत तेज़. मधुर संगीत. बस इसी दम पर खेल जाते थे राजकुमार कोहली.वे कोई यादगार फिल्मकार भले ही नहीं रहे हों लेकिन लोकप्रिय सिनेमा की जब भी बात होगी, उनका भी जिक्र होगा.

  • भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच पांच ट्वेंटी-20 क्रिकेट मैचों की श्रृंखला का दूसरा मैच आज ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम तिरुवनंतपुरम  में ..
  • 10 ओवर पूरे हो चुके हैं अब ऑस्ट्रेलिया को 59 गेंदों में 131 रनों की जरूरत है.

     भारत ने बृहस्पतिवार को पहले मैच में ऑस्‍ट्रेलिया को 2 विकेट से हराकर श्रृंखला में एक शून्य की बढ़त बना ली है।
    दोनों देश इस श्रृंखला में अलग-अलग खिलाडियों के साथ खेल रहे हैं और विश्वकप में शामिल कई खिलाडियों को आराम दिया गया है।
  • मौसम
  • एक ताज़ा पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के पास पहुँच गया है। इसके साथ, हम जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश की उम्मीद कर सकते हैं।  इन राज्यों के ऊंचे इलाकों में छिटपुट बर्फबारी भी देख सकते हैं।

    इन मौसम गतिविधियों के कारण उत्तराखंड में सुरंग बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण बाधा की संभावना नहीं है। पश्चिमी हिमालय के अन्य हिस्सों की तुलना में उत्तराखंड में मौसम की गतिविधियाँ बहुत कम होंगी।

    अक्टूबर या नवंबर में कोई महत्वपूर्ण पश्चिमी विक्षोभ नहीं देखा है। 9 और 10 नवंबर के आसपास एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ देखा गया, जिसने मैदानी इलाकों पर एक परिसंचरण को प्रेरित किया, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और पहाड़ियों दोनों पर अच्छी बारिश हुई। उस प्रणाली ने दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषकों को धो दिया था।

    हालाँकि, पश्चिमी हिमालय पर निकट भविष्य में ऐसी प्रणाली की उम्मीद नहीं है। इसके अलावा, महीने के अंत तक एक कमजोर सिस्टम देखने को मिल सकता है लेकिन इसका मैदानी इलाकों पर उतना असर नहीं पड़ेगा।

  • राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर में  इस बार मौसम के भिन्न-भिन्न रंग देखने को मिल रहे हैं. पिछले दिनों जहां मौसम के तेवर धीमे हो गए थे, वहीं आज अलसुबह से ही सर्दी के सितम की शुरुआत हुई है. समय पर बारिश नहीं होने के कारण इस बार मौसम चक्र बदल रहा है. हालांकि दीपावली पर ठंड का असर अचानक तेज हो गया था.

    स्वर्णनगरी में बदलते मौसम के मिजाज के साथ ही अलसुबह से ही सर्द हवाओं का दौर जारी है. आसमान में बादलों ने सूर्य देव को भी घेर कर रखा है. मौसम वैज्ञानिकों ने भी पूर्वानुमान लगाते बारिश की संभावना भी जताई है. वेदर रिपोर्ट के अनुसार 50% प्रतिशत तक हल्की बारिश की संभावना है, जिस कारण तापमान में हल्की गिरावट होना तय है.

    शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला था. दिन भर बादल छाए रहे. हालांकि बारिश नहीं हुई थी. शनिवार को दिन के पारे में 3 डिग्री की गिरावट हुई. जबकि अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री व न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री दर्ज किया गया. दिन व रात के पारे में 13 डिग्री का अंतर रहा. शनिवार को  नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है. हालांकि शनिवार को इसका कोई खास असर नहीं देखने को मिला. लेकिन आज रविवार को इसका असर दिख रहा है.

    अरब सागर की खाड़ी से हवाओं के साथ उपयुक्त नमी सप्लाई होने से इस तंत्र का का सर्वाधिक असर रविवार को देखने को मिल रहा है. इसके प्रभाव से जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा व जयपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जना के साथ बारिश है. पिछले दिनों प्रदेश में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट हो रही थी. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में बर्फबारी हुई थी. इस वजह से राजस्थान में सर्दी का असर तेज हो गया था. अब एक नए सिस्टम के आने से यहां पर फिर से बर्फबारी होने की संभावना है. इस वजह से प्रदेश भर में तापमान में गिरावट होगी और सर्दी का असर तेज हो जाएगा.

     

  • मौसम विभाग  के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में देश के कुछ हिस्सों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। बारिश की आशंका के साथ कुछ शहरों में ठंड बढ़ने के भी आसार हैं। उत्तराखंड में 28 नवंबर को बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की बारिश के आसार हैं। दिसंबर के पहले हफ्ते से ही कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में अगले तीन दिन बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
    अचानक मौसम बदलने का असर गुजरात के कई इलाकों में भी दिखा। बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। फसलों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। रविवार को राज्य में तूफान के साथ बड़े पैमाने पर बेमौसम बारिश हुई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, गुजरात के 251 तालुकाओं में से 220 में रविवार सुबह 6 बजे के बाद 50 एमएम तक बारिश हुई। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने के अलावा फसलों को भारी नुकसान होने की खबर है।

    रिपोर्ट के मुताबिक अहमदाबाद में रविवार सुबह केवल दो घंटे में 15 एमएम बारिश हुई। राजकोट में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि की खबर भी सामने आई। बेमौसम बारिश के कारण सौराष्ट्र क्षेत्र के मोरबी जिले में सेरामिक उद्योग भी प्रभावित हुआ है। अधिकांश फैक्टरियों को बंद रखना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि तेज हवा, बिजली और तूफान के साथ, बेमौसम बारिश के कारण मेहसाणा, दाहोद, साबरकांठा, तापी, बोटाद, अमरेली और अहमदाबाद जिलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई।महाराष्ट्र में अचानक बदले मौसम का मिजाज के बाद बारिश की तस्वीरें भी सामने आई हैं। रविवार शाम आर्थिक राजधानी मुंबई में बारिश हो रही है। साथ ही मौसम विभाग ने कहा है कि महाराष्ट्र के कई इलाकों में गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं।

    आईएमडी के अनुसार महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की भी आशंका है। मुंबई, ठाणे और पालघर में भारी बारिश होने की संभावना के अलावा नासिक और अहमदनगर के कुछ हिस्सों में वज्रपात के साथ आंधी की भी आशंका है।पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मौसम विभाग ने बर्फबारी का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के मुताबिक 26 और 27 नवंबर को पहाड़ी राज्य के ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी। आईएमडी हिमाचल प्रदेश के प्रमुख सुरेंद्र पॉल के अनुसार, 26 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ हल्की से मध्यम तीव्रता का है, इसलिए भारी बर्फबारी की संभावना नहीं है। उन्होंने बताया कि 26-27 नवंबर तक चंबा, किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, कांगड़ा और शिमला जिलों के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी होगी। सिरमौर, सोलन, मंडी और कांगड़ा के निचले इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। 28-29 नवंबर तक बर्फबारी कम होगी और मौसम साफ हो जाएगा।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण के कारण भी जनता हलकान है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र  और दिल्ली-NOIDA में रहने वाले लोग अभी भी जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। दिल्लीवासियों को अगले छह दिन राहत के आसार नहीं हैं। न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी  और दिल्ली में औद्योगिक गतिविधियों और गाड़ियों की भरमार के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स  लगातार चिंताजनक बना हुआ है। रविवार को एनसीआर में दिल्ली सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 400 के करीब दर्ज किया गया जो बेहद खराब है। शनिवार के मुकाबले वायु गुणवत्ता सूचकांक सात अंक ज्यादा है।

    उदयपुर, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उदयपुर में रविवार को सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर बाद बारिश होने से ठंडक बढ़ गई। ठंडक से बचाव के लिए लोगो ने ऊनी वस्त्रों का सहारा लिया। वही पर्यटक स्थलों पर पर्यटकों ने गरमा गर्म व्यंजन का लुफ्त उठाया

  • ।उदयपुर में  पिछले 24 घंटों के दौरान  तापमान रहा अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम  14 सेल्सियस
  • गुरु नानक जयंती पर बधाई और शुभकामनाएं

  • तो ये थीं अब तक की अपडेट्स हम फिर आएंगे और अपडेट्स लेकर बने रहिए हमारे साथ…

Leave a Reply

Your email address will not be published.