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Udaipur Latest News 28 September 2023 उदयपुर की ताजा खबर Udaipur Latest News 28 September 2023 उदयपुर की ताजा खबर Udaipur Latest News 28 September 2023 उदयपुर की ताजा खबर

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Sep 28, 2023
  • हेलो फ्रेंड्स हम हाजिर हैं आज की अपडेट्स लेकर…..
  • भारत ने वैश्विक नवाचार सूचकांक में चालीसवां स्‍थान बरकरार रखा है। यह रैंकिंग विश्‍व बौद्धिक संपदा संगठन ने जारी की है। नीति आयोग ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की बढ़त बनी हुई है। 2015 में भारत का 81वां रैंक था जो 2023 में 40वां हो गया। ज्ञान की पूंजी और प्रभावी स्‍टार्टप प्रणाली तथा सरकारी और निजी अनुसंधान संगठनों के उल्‍लेखनीय कार्यों ने वैश्विक नवाचार सूचकांक में भारत की स्थिति में सुधार किया है।
  • प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक और भारत की हरित क्रांति के जनक के रूप में प्रख्‍यात एम.एस.स्‍वामीनाथन का आज चेन्‍नई में उनके निवास पर निधन हो गया। वे 98 वर्ष के थे। स्‍वामीनाथन ने अपनी नीतियों के जरिये सामाजिक क्रांति लाकर 1960 के दशक में भारत को अकाल जैसी स्थिति से बचाया। उन्‍होंने एम.एस.स्‍वामीनाथन अनुसंधान प्रतिष्‍ठान की स्‍थापना की और उच्‍च उत्‍पादकता वाले गेहूं के बीज विकसित किये जिनसे भारत में हरित क्रांति आयी। वे 1972 से 1980 के बीच भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक और 1982 से 1988 के बीच अंतर्राष्‍ट्रीय चावल अनुसंधान संगठन के महानिदेशक रहे।
  • कृषि नीतियों के मोर्चे पर उल्‍लेखनीय कार्य करने वाले स्‍वामीनाथन को कई अंतर्राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों से सम्‍मानित किया गया। 1986 में उन्‍हें अल्‍बर्ट आइं‍स्‍टीन विश्‍व विज्ञान पुरस्‍कार, 1991 में टाइटलर पर्यावरण उपलब्धि पुरस्‍कार और 2000 में अंतर्राष्‍ट्रीय भूगोल संघ का पदक प्रदान किया गया। उन्‍हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी सम्‍मानित किया गया।  उनके कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान ने देश के लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया और देश के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की।
  • अनन्‍त चतुर्दशी का त्‍योहार आज श्रद्धा और उल्‍लास के साथ मनाया गया।। आज  भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन  किया। अनन्‍त चतुर्दशी 10 दिन तक चले गणेश उत्‍सव सम्‍पन्‍न होने पर मनाई जाती है। गणेश उत्‍सव के अंतिम दिन श्रद्धालु पूजा अर्चना के अनुष्‍ठानों के बाद भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अपने आस- पास के तालाब, नदी या समुद्र में विसर्जन के लिए ले जाते हैं। श्रद्धालु भगवान गणेश को विदा कर उनके अगले वर्ष जल्‍द आने की प्रार्थना के साथ शोभायात्रा निकालते हैं।
  • महाराष्‍ट्र के विभिन्‍न भागों से विभिन्‍न पंडालों से गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के कार्यक्रम शुरू हये मुंबई में तड़के सुबह की पूर्ण पूजा के बाद गणेश विसर्जन जुलूस निकाले गये । मुंबई के लालबाग के राजा की प्रसिद्ध प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूस भी निकाले गये। अपने प्रिय गणपति बप्‍पा को विदा करने के लिए लाखों लोग विसर्जन जुलूस में शामिल हये
  • हैदराबाद में 9 दिन के गणेश उत्‍सव के अंतिम दिन आज कडी सुरक्षा व्‍यवस्‍था के बीच भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विशाल शोभा यात्रा निकाली गयी। बडी संख्‍या में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को विदाई देते हुए शहर में करीब एक सौ झीलों और तालाबों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। वृहन हैदाराबाद नगर निगम ने तीस से भी अधिक झीलों और तालाबों के पास प्रतिमा विसर्जन के लिए भारी क्रेन तैनात की हैं। गणेश भगवान की 63 फुट उंची प्रतिमा को शोभा यात्रा निकालकर हुसैन सागर ले जाया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने बालापुर से हुसैन सागर तक करीब 22 किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान गणपति बप्‍पा मोरिया का उदघोष करते हुए शोभा यात्रा में हिस्‍सा लिया।इन यात्राओं के कारण शहर में कई जगहों पर यातायात भी प्रभावित हुआ है।
  • गणपति विसर्जन का पवित्र दिन बहुत खुशी और भव्यता के साथ मनाया जाता है क्योंकि भक्त  भगवान गणेश को अगले साल वापस आने के वादे के साथ अपने स्थान पर वापस जाने के लिए विदाई देते हैं।
  • गणेश चतुर्थी दस दिवसीय त्योहार है जो भाद्रपद माह के चौथे दिन शुरू होता है । ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, यह त्योहार सितंबर या अगस्त के महीने में आता है। उत्सव को विस्तृत पंडालों, घरों या विभिन्न अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना के साथ चिह्नित किया जाता है। विनायक चतुर्थी का उत्सव समुद्र या जलाशय में भगवान गणपति की मूर्ति के विशाल विसर्जन या विसर्जन के साथ समाप्त होता है। बड़ी संख्या में भक्त सड़कों पर बहुत भव्यता और धूमधाम के साथ जुलूस निकालते हैं। यह त्यौहार महाराष्ट्र राज्य में बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।
  • भगवान गणेश की मूर्ति की शोभा यात्रा बहुत खुशी, धूमधाम और भव्यता के साथ निकाली जाती है। भगवान गणेश की मूर्तियों को उनके पूजा स्थल से विसर्जन स्थल तक ले जाया जाता है। पर्यावरण संबंधी चिंताओं के कारण आजकल गणेश जी की मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित किया जा रहा है। पर्यावरण-अनुकूल गणेश चतुर्थी उत्सव मनाने के लिए इस तरह के विसर्जन को प्रोत्साहित किया जाता है ।
  • पैगम्बर हजरत मोहम्मद के जन्‍मदिवस ईद मिलाद-उन-नबी आज देश के विभिन्‍न भागों में धार्मिक भावना के साथ मनाई गए। पैगम्‍बर मोहम्‍मद के जीवन और शिक्षाओं के विभिन्‍न पहलुओं को दर्शाने के लिए मिलाद महफिल और सीरत कॉन्फ्रेंस आयोजित कीए गए। इस अवसर पर मिलाद जुलूस भी निकाले गए।  इस अवसर पर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं।  पैगम्‍बर मोहम्‍मद की करुणा, सहिष्‍णुता और वैश्‍विक भाईचारा अनुकरणीय है।  पैगम्बर की सर्वकालिक बुद्धिमत्ता समाज को शांति, न्‍याय और मेलमिलाप के साथ जीने के लिए मार्गदर्शन करती रहेगी।समाज में सौहार्द और करूणा की भावना बढ़ेगी।
  • बिहार में विश्‍वविख्‍यात पितृपक्ष मेला आज गया शहर में शुरू हुआ । मुख्‍य उद्घाटन कार्यक्रम विष्‍णुपाद मंदिर में हुआ एक पखवाड़े तक चलने वाला यह मेला हिन्‍दु समुदाय का महत्‍वपूर्ण आयोजन है। जिसमें देश-विदेश से लाखों लोग गया आकर फालगु नदी के तट पर अपने दिवंगत पितरों की आत्‍मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। पितृपक्ष के दौरान दिवंगत आत्‍मा को जन्‍म-मृत्‍यु के चक्र से मुक्ति दिलाने के लिए फालगु नदी के तट पर श्राद्ध, तर्पण और पिण्‍ड दान जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं।गया प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किये हैं।
  • खाद्य नियामक एफ़एसएसएआई ने फूड वेंडर्स और उपभोक्ताओं से खाना लपेटने के लिए अख़बार का इस्तेमाल बंद करने को कहा  है.फूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एफ़एसएसएआई) अब राज्य स्तर पर खाद्य नियामकों के साथ लगातार काम कर रही है ताकि इसका पालन हो सके.
  • पूरे देश के उपभोक्ताओं और खाना बेचने वालों से ये कहा गया है कि वे तत्काल प्रभाव से खाना लपेटने, इसे स्टोर करने या परोसने के लिए अख़बारों का इस्तेमाल करना बंद करें.एफ़एसएसएआई ने कहा, “अख़बार में जिस स्याही का इस्तेमाल होता है उसमें कई तरह के बायोएक्टिव पदार्थ होते हैं जिसका स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और इससे कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.और  अख़बार कई तरह की स्थितियों से होकर लोगों तक पहुंचते हैं. इसमें बैक्टिरिया, वायरस होने का ख़तरा होता है. इससे कई बीमारियां हो सकती हैं.
  •  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन  के प्रमुख  ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनके चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-3′ के रोवर ‘प्रज्ञान’ ने वह काम कर दिया है जो इससे किए जाने की अपेक्षा की गई थी और यदि यह वर्तमान निष्क्रिय अवस्था (स्लीप मोड) से सक्रिय होने में विफल रहता है तो भी कोई समस्या नहीं होगी। राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी अब एक्सपीओसैट या एक्स-रे पोलरिमीटर उपग्रह प्रक्षेपण के लिए तैयारी कर रही है और यह प्रक्षेपण नवंबर या दिसंबर में किया जा सकता है।चंद्रमा पर वर्तमान में ‘प्रज्ञान’ के सुप्तावस्था या निष्क्रिय अवस्था में होने की स्थिति पर इसरो प्रमुख ने कहा कि चंद्रमा पर तापमान शून्य से लगभग 200 डिग्री सेल्सियस नीचे जाने पर अत्यधिक प्रतिकूल मौसम के कारण इसके इलेक्ट्रॉनिक सर्किट यदि क्षतिग्रस्त नहीं हुए हैं, तो यह फिर से सक्रिय हो जाएगा। ‘इसरो ने पिछले सप्ताह कहा था कि चंद्रमा पर सुबह होने के साथ ही ‘चंद्रयान-3′ के सौर ऊर्जा से संचालित लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ के साथ संपर्क स्थापित कर इन्हें फिर से सक्रिय करने का प्रयास कर रहा है ताकि वे वैज्ञानिक प्रयासों को जारी रख सकें। चंद्रमा पर रात होने से पहले, लैंडर और रोवर दोनों क्रमशः चार और दो सितंबर को निष्क्रिय अवस्था में चले गए थे। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन  के प्रमुख  ने आगामी मिशन के बारे में कहा कि इसरो अब एक्सपीओसैट या एक्स-रे पोलरिमीटर उपग्रह के लिए तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक्सपोसैट तैयार है और इसे हमारे पीएसएलवी रॉकेट के जरिए प्रक्षेपित किया जायेगा। इसका प्रक्षेपण नवंबर या दिसंबर में किया जा सकता है।”  एक और मिशन ‘इन्सैट-3डीएस’ की भी तैयारी है, जो एक जलवायु उपग्रह है और जिसे दिसंबर में प्रक्षेपित किया जायेगा। उन्होंने कहा, ‘‘फिर हम एसएसएलवी डी3 का प्रक्षेपण करेंगे।  यह हमारा लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान है। यह तीसरा प्रक्षेपण है।  इसके बाद नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार या निसार की बारी आएगी। इसे अगले साल फरवरी में प्रक्षेपित किया जाएगा।” गगनयान’ मिशन के परीक्षण यान ‘डी1′ का प्रक्षेपण अक्टूबर में किया जाएगा।
  • अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एस्ट्रोनॉट रिकॉर्ड 371 दिन अंतरिक्ष में बिताने के बाद धरती पर लौट आए हैं. उनके साथ दो रूसी अंतरिक्ष यात्री भी लौटे हैं.
  •  एस्ट्रोनॉट की अंतरिक्ष यात्रा महज 180 दिन की थी लेकिन उनके अंतरिक्षयान की टक्कर एक स्पेस जंक से हो गई और उसमें कुछ दिक्कतें आ गई.
  • इसके साथ ही ये यात्रा बढ़कर 371 दिन की हो गई. मगर एस्ट्रोनॉट के नाम एक रिकॉर्ड भी बन गया. वे सबसे ज़्यादा दिन अंतरिक्ष में बिताने वाले अमेरिकी अंतरिक्षयात्री बन गए.
  • अंतरिक्ष में इतने समय बिताने के बाद जब वो धरती पर लौटे तो वहां उनके लिए रिकवरी टीम मौजूद थी.
  • कम ग्रैविटी वाले माहौल में लंबे समय तक रहने का असर उनके शरीर पर जरूर पड़ा होगा और इसी वजह से उन्हें रिकवरी टीम ने यान से बाहर निकाला.
  • उनकी इस यात्रा से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी कि कैसे मानव शरीर लंबे समय तक स्पेसफ्लाइट में रह सकता है. इस यात्रा का असर उनकी मांसपेशियों, मस्तिष्क और शरीर के पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है.
  • वैज्ञानिकों ने एंटीमैटर के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की है. एंटीमैटर एक ऐसी रहस्यमय चीज़ है जो ब्रह्मांड बनने के शुरुआती दौर में बहुतायत में थी.
  • बिग बैंग के दौरान मैटर और एंटीमैटर दोनों समान रूप से बने. लेकिन अभी मैटर हर जगह है और एंटीमैटर को खोजना बेहद मुश्किल.
  • बिग बैंग या ज़ोरदार धमाका, ब्रह्मांड की रचना का एक वैज्ञानिक सिद्धांत है. यह इस सवाल का जवाब देने की कोशिश करता है कि यह ब्रह्मांड कब और कैसे बना.
  • ताज़ा अध्ययन में पता चला है कि ग्रैविटी (गुरुत्वाकर्षण) को लेकर इन दोनों की प्रतिक्रिया एक जैसी है.
  • वर्षों से वैज्ञानिक मैटर और एंटीमैटर की समानातओं और अंतरों को खोजने का प्रयास कर रहे हैं ताकि ब्रह्मांड की उत्पत्ति को समझा जा सके.
  • पहले कहा जाता था कि एंटीमैटर गुरुत्वाकर्षण की वजह से गिरने के बजाय ऊपर उठता है.
  • पहली बार वैज्ञानिकों ने कन्फ़र्म किया है कि एंटीमैटर नीचे की ओर गिरता है. लेकिन इस खोज ने उत्सुकता कम करने के बजाय और बढ़ा दी है. प्रश्न ये है कि एंटीमैटर किस गति से नीचे गिरता है?
  • बिग बैंग के वक्त मैटर और एंटीमैटर को एक हो जाना चाहिए था और ऐसा होता तो सिर्फ़ रोशनी बचती. ऐसा क्यों नहीं हुआ होगा, ये भौतिकी का सबसे बड़ा रहस्य है.इसका हल ही ब्राह्मांड की उत्पति के राज़ को सुलझा पाएगा. इस अध्ययन में शामिल डॉक्टर  ने कहा है कि ब्रह्मांड की रचना के शुरुआती समय में किसी तरह मैटर ने एंटीमैटर को पीछे छोड़ दिया और ग्रैविटी पर ये कैसी प्रतिक्रिया देता है, ये कई सवालों के जवाब दे सकता है.
  • राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर  एहतियात बरतने के लिए और गैर कानूनी गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस जगह-जगह नाकेबंदी कर चेकिंग अभियान करने में जुटी है.  उदयपुर में पुलिस कार्रवाई के दौरान एक कार से रात को 60 लाख रुपए नगद जब्त किए हैं.आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रात करीब नौ बजे आकस्मिक नाकाबंदी करवाई गई. नाकाबंदी के दौरान अवैध मादक पदार्थ, शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्तियों, अवैध नगदी, अवैध हथियारों की धर-पकड़ हेतु वाहनों की चेकिंग की गयी. इस दौरान एक कार से 60 लाख रुपये की नगदी की गयी और करीब 250 दुपहिया वाहन एवं 100 से अधिक हल्के वाहनों की पड़ताल की गयी. धारा 185 एम वी एक्ट के तहत 4 कार्रवाई, धारा 60 पुलिस एक्ट के तहत 1 कार्रवाई धारा 207 एम पी एक्ट में कार जब्त की गई. i20 कार को रोककर चेक किया गया जिसमें कार की डिग्गी में एक संदिग्ध कागज का डिब्बा मिला. डिब्बे में 500 रुपए के 118 पैकेट और 200 के मिले 5 पैकेट मिला. कार चालक से डिब्बे के बारे में पूछा गया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.उसमें 500 रुपए की 118 गड्डी, 200 रूपये की 5 गड्डी कुल 60 लाख रुपये मिले. वाहन मालिक  से रुपयों के संबंध में कड़ाई से पूछताछ की गई तो रुपये कहां से लाया इस संबंध में वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाया, उसके बाद पुलिस ने नगदी जब्त कर ली और मामले में पूछताछ कर रही है

    राजस्थान साहित्य अकादमी की ओर से दिए जाने वाले वार्षिक पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इसके तहत वर्ष 2023-24 का सर्वाच्च मीरां पुरस्कार जयपुर निवासी रत्नकुमार सांभरिया को उनके उपन्यास ‘सांप’ के लिए दिया जाएगा। वहीं अकादमी के सम्मान परंपरा में सर्वाच्च सम्मान ‘साहित्य-मनीषी’ से प्रगतिशील लेखक, चिंतक और विचारक, अकादमी के पूर्व अध्यक्ष वेद व्यास को सम्मानित किया जाएगा। अकादमी के जनार्दनराय नागर सम्मान से प्रख्यात आलोचक, विद्वान डॉ. रणजीत को समादृत किया जाएगा।

    अकादमी के मीरां भवन में मंगलवार को आयोजित संचालिका एवं सरस्वती सभा की बैठक के अनुमोदन के बाद अकादमी अध्यक्ष  ने उक्त पुरस्कारों की घोषणा की।अकादमी के वर्ष 2023-24 के पुरस्कारों की शृंखला में सुधींद्र पुरस्कार उदयपुर के चेतन औदिच्य को कविता संग्रह ‘पानी’ के लिए, रांगेय राघव पुरस्कार जालोर के पुरुषोत्तम पोमल के उपन्यास ‘पाषाण पुत्री क्षत्राणी हीरा-दे’ के लिए देवराज उपाध्याय पुरस्कार बीकानेर के आलोचक हरीश बी. शर्मा की कृति ‘प्रस्थान बिंदु’ के लिए, कन्हैयालाल सहल पुरस्कार जयपुर के राघवेंद्र रावत को डायरी ‘मारक लहरों के बीच’ के लिए दिया जाएगा।

    वहीं नाटक विधा का देवीलाल सामर पुरस्कार अजमेर के रासबिहारी गौड़ को कृति ‘गांधी जिंदा है’ के लिए, बाल साहित्य का शंभूदयाल सक्सेना पुरस्कार कोटा मूल की चैन्नई निवासी रोचिका अरुण शर्मा की कथाकृति ‘किताबों से बातें’ के लिए तथा प्रथम कृति सुमनेश जोशी पुरस्कार उदयपुर के बिलाल पठान को ‘अब पेड़ फल बेचेंगे’ को दिया जाएगा।

    विद्यालयी-महाविद्यालयी पुरस्कार की भी घोषणा की गई। विजेताओं विद्यार्थियों में चंद्रदेव शर्मा पुरस्कार के तहत कविता के लिए दामोदर शर्मा, इक्कीस कॉलेज गोपल्याण-लूनकरनसर, कहानी के लिए सुरेंद्र सिंह, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर, एकांकी के लिए अमनदीप निर्वाण, एसएसएस कॉलेज, तारानगर, निबंध के लिए पवन कुमार गुसांई, इक्कीस कॉलेज, गोपल्याण को दिया जाएगा।

    वहीं परदेशी पुरस्कार के तहत कविता के लिए शुंभागी शर्मा, राउमावि भवानीमंडी-झालावाड़, कहानी के लिए परी जोशी, द स्कोलर्स एरिना, उदयपुर, निबंध के लिए करुणा रंगा, इक्कीस एकेडमी फॉर एक्सीलेंस, गोपल्याण, लघुकथा के लिए द्रोपती जाखड़, इक्कसी एकेडमी फॉर एक्सीलेंस, गोपल्याण को दिया जाएगा। वर्ष 2023-24 का सुधा गुप्ता पुरस्कार निबंध के लिए इक्कीस कॉलेज गोपल्याण की कौशल्या को दिया जाएगा।मीरां पुरस्कार के लिए पचहतर हजार रुपए, सुमनेश जोशी पुरस्कार के लिए इक्कीस हजार रुपए एवं अन्य पुरस्कारों के तहत इक्कतीस हजार रुपए अकादमी देती है। वहीं सर्वाच्च साहित्य मनीषी अढाई लाख रुपये की एवं जनार्दन राय नागर सम्मान एक लाख रुपये राशि का होता है। विद्यालयी-महाविद्यालयी पुरस्कारों की राशि प्रत्यके के लिए पांच हजार रुपये होती है।

    बारावफात के अवकाश को लेकर उदयपुर में दिन भर संशय की स्थिति बन गई  बारावफात पर्व को लेकर सरकारी अवकाश 28 सितंबर को ही राज्य सरकार ने घोषित कर रखा है इस बीच उदयपुर में यह पर्व मुस्लिम समाज की और से 29 सितंबर को मनाने को लेकर अवकाश भी 29 को ही होने की बात सामने आई तो सरकारी विभागों व खासकर स्कूलों में संशय हो गया। मुस्लिम समाज के कुछ प्रतिनिधि जिला प्रशासन के पास आए और ज्ञापन दिया कि समाज उदयपुर में बारावफात पर्व 29 सितंबर को मना रहा है ऐसे में अवकाश 2़9 को रखा जाए। जिला प्रशासन ने समाज की भावना राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के पास भेज दी थी।इधर, जिला प्रशासन ने आरएएस परीक्षा को लेकर एक बैठक 29 सितंबर को बुलाई थी जिसे इसलिए 28 सितंबर को कर दिया कि उस दिन उदयपुर में मुस्लिम समाज बारावफात मनाएगा। इस आदेश में कही सरकारी अवकाश को लेकर जिक्र नहीं था लेकिन इसी को आधार मानकर कुछ ने बारावफात का अवकाश 29 को होने का कह दिया जिससे संशय हो गयाइस बीच आज ही शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने भी सभी सीबीईओ को संदेश करा दिया कि शिविरा पंचाग के अनुसार बारावफात का अवकाश 28 सितंबर को ही होगा। इसके बाद स्कूलों के ग्रुप में शिक्षकों की और से अवकाश 28 को ही होने की सूचना शेयर की गई।मुख्य ब्लॉक शिक्षाधिकारी (सीबीईओ) फलासिया ने तो एक आदेश निकाल दिया जिसमें आरएएस परीक्षा बैठक वाले आदेश का संदर्भ देते हुए अवकाश 29 सितंबर को होने का बताया। इसके बाद बुधवार रात को उन्होंने एक संशोधित आदेश भी निकाला जिसमें कहा गया कि अवकाश 28 सितंबर को ही होगा।

    फूल माली समाज की ओर से सामूहिक अनंत चतुर्दशी उद्यापन एवं भव्य शोभायात्रा का आयोजन उदयपुर में किया गया। शोभायात्रा दोपहर बाद रवाना हुई जिसमें समाजनजन शामिल हुए। शोभायात्रा  माली कॉलोनी स्थित राड़ा जी बावजी से प्रारंभ होकर घटियावली माता मंदिर प्रांगण पर पहुंची। शोभायात्रा में झांकियों के साथ बैंडबाजा, हाथी-घोड़े एवं 9 बग्गियां शामिल थी।सामूहिक अनंत चतुर्दशी उद्यापन में 151 जोड़े द्वारा उद्यापन में भाग लिया

    गणपति बप्पा मोरिया… अगले बरस तू जल्दी आ…की कामना के साथ प्रथम पूज्य भगवान गणेश की प्रतिमाओं  का विसर्जन  हुआ। गुरुवार को अनंत चतुर्दशी पर दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन हुआ। बप्पा के भक्तों ने नाचते-गाते हुए प्रतिमा का विसर्जन किया।

    स्वर कोकिला” लता मंगेशकर  भारत  की सबसे प्रसिद्ध और सम्मानित गायिकाओं  में से एक हैं। उन्होंने अपने छह दशक लंबे करियर में  विभिन्न भाषाओं में तीस हजार से अधिक गाने गाए हैं, जो हैं। उन्होंने आवाज  और भावपूर्णता से दुनिया भर के प्रशंसकों को मंत्रमुग्ध किया है।

    लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। उनके पिता, दीनानाथ मंगेशकर , एक प्रसिद्ध मराठी थिएटर अभिनेता और गायक थे। लता ने बचपन से ही अपने पिता से गायन की शिक्षा ली।
    लता ने अपने करियर की शुरुआत 13 साल की उम्र में की थी। 1942 में, उन्होंने मराठी फिल्म “किती मी नादान थी” में अपना पहला गाना गाया। इसके बाद, उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली, गुजराती, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और पंजाबी सहित कई भाषाओं में गाने गाए।

    उन्होंने ने कई लोकप्रिय फिल्मों में गाने गाए हैं, जिनमें “महल”, “शोले”, “दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे”, “हम आपके हैं कौन” और “लगान” शामिल हैं। उनके कुछ सबसे प्रसिद्ध गाने हैं “आजा रे, पिया”, “एक प्यार का नगमा है”, “दिल धड़कने लगा”, “कभी कभी मेरे दिल में”, और “वह जो चाहे वो कर गुजरेगा”।
    लता मंगेशकर को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, भारत रत्न, से सम्मानित किया गया था। उन्हें 15 फिल्मफेयर पुरस्कार, 2 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, और 5 दादा साहब फाल्के पुरस्कार भी मिले हैं।
    लता मंगेशकर का 6 फरवरी, 2022 को मुंबई में निधन हो गया। उनकी मृत्यु से भारत और दुनिया भर के प्रशंसकों को गहरा दुख हुआ।

  •  रणबीर कपूर और रश्मिका मंदाना और अनिल कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ काफी दिनों से चर्चा में बनी हुई है।  इसी बीच ‘एनिमल’ मेकर्स ने रणबीर कपूर के जन्मदिन के मौके पर फिल्म ‘एनिमल’ का टीजर रिलीज किया ।  इस टीजर में रणबीर कपूर एक्शन अवतार में दिखाई दिए।अब फैंस को फिल्म की रिलीज  का इंतजार है।  रणबीर कपूर की ये फिल्म इसी साल 1 दिसंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।
  •  द कश्मीर फाइल्स जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके मशहूर डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री अब अपनी फिल्म द वैक्सीन वॉर  सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. द वैक्सीन वॉर में अनुपम खेर, नाना पाटेकर, सप्तमी गौड़ा और पल्लवी जोशी जैसे कई कलाकार मुख्य भूमिका में हैं. विवेक अग्निहोत्री की यह फिल्म लंबे समय से चर्चा में बनी हुई थी. लेकिन कब बजट की इस फिल्म ने अपने पहले दिन अच्छी ओपनिंग की है. फिल्म को दर्शकों को प्यार मिल रहा है. बताया जा रहा है कि विवेक अग्निहोत्री की इस फिल्म का कुल बजट 10 से 12 करोड़ रुपये है. द वैक्सीन वॉर की शूटिंग पिछले साल शुरू की गई थी. यह एक साइंस थ्रिलर फिल्म है, जो कोरोना महामारी के दौरान भारत के हालातों और वैक्सीन बनने की कहानी को दिखाती है. इस फिल्म को हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, भोजपुरी, पंजाबी, गुजराती, मराठी और बंगाली सहित 10 से अधिक भाषाओं में रिलीज किया गया है. द वैक्सीन वॉर के लिए विवेक अग्निहोत्री ने कोरोना वैक्सीन बनाने वाले ICMR और NIV के वैज्ञानिकों के साथ रिसर्च की और उसके बाद फिल्म बनाने का फैसला किया
  • दुनिया भर में चर्चित सिरीज़ हैरी पोटर में एल्बस डंबलडोर का किरदार निभाने वाले एक्टर सर माइकल गैम्बन का निधन हो गया. वो 82 साल के थे और अस्पताल में भर्ती थे.वो फ़ैंटास्टिक मिस्टर फ़ॉक्स में भी नज़र आए थे. वो निमोनिया से पीड़ित थे.उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रॉयल नेशनल थियेटर से की थी और उन्होंने शेक्सपियर के कई नाटकों में भूमिका निभाई. मनोरंजन की दुनिया में अहम योगदान के लिए उन्हें 1998 में सर की उपाधि दी गई.
  • बेपरवाह मोहब्बत वाली ‘बॉबी’ के 50 साल

    साल 1973 की बात है, जब ‘बॉबी’ नाम की ऐसी हिंदी फ़िल्म आई, जिसमें हीरो और हीरोइन दोनों नए थे. हीरोइन डिंपल कपाड़िया का तो किसी ने नाम भी नहीं सुना था.इसके निर्देशक राज कपूर की पिछली फ़िल्म ज़बरदस्त फ्लॉप हुई थी लेकिन जब ये फ़िल्म रिलीज़ हुई तो इसकी लोकप्रियता का आलम ये था कि गाँवों-कस्बों से बड़े शहरों के थिएटर के लिए विशेष बसें चलती थीं जिन्हें ‘बॉबी बस’ कहा जाता था. ये बस लोगों को फ़िल्म दिखाकर वापस गाँव लेकर आती थी.डिंपल कपाड़िया की पोलका डॉट वाली पोशाक ‘बॉबी ड्रेस’ के नाम से मशहूर हुई और हीरो ऋषि कपूर के मोटरसाइकिल को लोग ‘बॉबी मोटरसाइकिल’ बुलाते थे.उस वक़्त तक हिंदी में मेच्योर प्रेम कहानियाँ बनती आई थीं, लेकिन ‘बॉबी’ शायद पहली हिंदी टीनएज लव स्टोरी थी, जिसमें जवानी का जोश, बग़ावत, मासूमियत और बेपरवाह मोहब्बत का मेल था.

    • 1970 में राज कपूर की फ़िल्म ‘मेरा नाम जोकर’ फ़्लॉप हो गई थी.””उसके एक साल बाद राज कपूर की प्रोड्यूस की हुई फ़िल्म ‘कल आज कल’, जिसे उनके बेटे रणधीर कपूर ने डायरेक्ट किया था, वह भी फ़्लॉप हो गई. उसी दौरान राज कपूर के पिता पृथ्वी राजकपूर की मृत्यु हो गई, उनकी माताजी गुज़र गईं, उनके क़रीबी रहे संगीतकार जयकिशन की भी मृत्यु हुई.यही वो दौर था जब तमाम चुनौतियों के बीच राज कपूर ने एक युवा प्रेम कहानी बनाने की ठानी. लेकिन फ़िल्म में पैसा चाहिए था, जिसके लिए हिंदूजा परिवार आगे आया. तब हिंदूजा परिवार विदेशों में, ख़ासकर ईरान में हिंदी फ़िल्में डिस्ट्रिब्यूट करके अपना बिज़नेस आगे बढ़ा रहा था.”फ़िल्म बनकर तैयार थी. राज साहब फ़िल्म का ऊंचा दाम मांग रहे थे. वह राजेश खन्ना का दौर था और राज कपूर साहब, राजेश खन्ना की फ़िल्म से एक लाख ऊपर दाम मांग रहे थे. शशि कपूर पहले डिस्ट्रीब्यूटर थे, जिन्होंने दिल्ली-यूपी ख़रीदा और एक वकील हुआ करते थे, जिन्होंने पंजाब के अधिकार ख़रीदे. कहीं के लिए फ़िल्म बिकी ही नहीं. फ़िल्म में पैसा लगाने वाले हिंदूजा परिवार से अदालत तक की नौबत आ गई.””राजकपूर को लगा कि अगर फ़िल्म हिट होगी तो बाक़ी जगहों के अधिकार भी बिक जाएंगे, लेकिन हिंदूजा को लगा कि सिर्फ़ दो जगह के अधिकार से पैसा कैसे निकलेगा. उन्होंने उनके ख़िलाफ़ हाइ कोर्ट में केस कर दिया. रिलीज़ के पहले राजकपूर ने उनका पैसा लौटा दिया. लेकिन पिक्चर का पहला शो हाउस फुल हो गया और फ़िल्म चल पड़ी. इंडस्ट्री में लोग फिर से राजकपूर को महान डायरेक्टर मानने लगे. वे लोग भी उनके साथ हो गए जो कहने लगे थे कि राज निर्देशन भूल गया है.”सिनेमा को लेकर राज कपूर का जुनून ऐसा था कि फ़िल्मों से की हुई सारी कमाई वो फ़िल्मों में ही लगा देते थे. मेरा नाम जोकर के बाद आरके स्टूडियो गिरवी रखा जा चुका था.””राज कपूर के पास अपना घर भी नहीं था . बॉबी की सफलता के बाद उन्होंने अपना घर ख़रीदा.

      ऋषि कपूर ने कहा-  बॉबी आरके बैनर को उभारने के लिए बनाई गई थी, मुझे लॉन्च करने के लिए नहीं. ये फ़िल्म हीरोइन पर केंद्रित थी. जब डिंपल की तलाश पूरी हो गई तब मैं बाय डिफ़ॉल्ट हीरो चुन लिया गया. ये बात और है कि सारा क्रेडिट मुझे मिल गया क्योंकि डिंपल की शादी हो गई और फ़िल्म हिट होने पर मुझे वाहवाही मिल गई.”

      कहते हैं कि बॉबी बनाते वक़्त इंडस्ट्री के बड़े-बड़े लोग धर्मेंद्र, प्राण साहब, राजेंद्र कुमार ने उनसे कहा था कि आरके बैनर को फिर से खड़ा करने के लिए वे लोग बिना पैसे लिए काम करेंगे. लेकिन राज कपूर ने सबका शुक्रिया अदा करते हुए कहा था, “इस वक़्त मेरी फ़िल्में फ़्लॉप हो चुकी हैं इसलिए मेरा लेवल नीचे है और आपका ऊपर. हम तब साथ काम करेंगे जब हमारा और आपका लेवल बराबर हो जाएगा.” और राज कपूर ने वो करके भी दिखाया .

      ‘बॉबी’ की रिलीज़ के बाद ऋषि कपूर-डिंपल की जोड़ी ने तहलका मचा दिया. बॉबी सिर्फ़ एक फ़िल्म भर न होकर एक फ़ैशन स्टेटमेंट भी थी. डिंपल की वो मिनी स्कर्ट, पोलका डॉट वाली शर्ट, हॉट पैंट्स, बड़े चश्मे, पार्टियाँ…राज कपूर ने जवान भारत की पहचान एकजीवनशैली से कराई.

       फ़िल्म इतिहास के जानकार ने कहा  “बॉबी ब्रगेंज़ा यानी बॉबी का 50 साल बाद भी क्रेज़ बना हुआ है. ये युवा पीढ़ी की प्रेम कहानी थी जो समाज के अलग अलग वर्ग से थे, राजा (ऋषि कपूर) एक हिंदू अमीर परिवार से है और बॉबी ईसाई परिवार से है जो मछुआरों का काम करते हैं.””ये वो दौर था जब देश 1971 की जंग के माहौल से निकल रहा था, मेरा नाम जोकर फ्लॉप हुई थी. ऐसे में देश को, युवाओं को, ताज़ी हवा, एक बदलाव की ज़रूरत थी. इसी माहौल में बॉबी आई और छा गई. इस फ़िल्म के अंदाज़ में कहें कि ये काला कौआ आज भी काट रहा है.”“किशन धवन चरित्र कलाकार थे. उनकी पत्नी बुंदी धवन, राज कपूर की पत्नी कृष्णा की दोस्त थीं. उन्होंने डिंपल कपाड़िया का नाम सुझाया. स्क्रिप्ट के साथ डिंपल के सीन लिए गए वो कई सालों तक आरके स्टूडियो में कहीं रखे हुए थे. वो सीन देख कर आपको यक़ीन नहीं होगा कि यह वही डिंपल कपाड़िया हैं. उस समय डिंपल की उम्र बमुश्किल 15 या 16 की रही होगी.”

      फ़िल्म 1973 यानी 20वीं सदी में बनी है. हालांकि बॉबी के एक सीन में डिंपल कहती हैं मैं 21वीं सदी की लड़की हूँ, कोई मुझे हाथ नहीं लगा सकता. जब ऋषि कपूर उन्हें टोकते हैं कि अभी तो 20वीं सदी चल रही है तो कहती हैं कि बूढ़ी हो गई 20वीं सदी और मैं अपनी हिफ़ाज़त ख़ुद करना जानती हूँ. डिंपल ने असल में भी अपनी ज़िंदगी वाक़ई ऐसे ही जी है.

      अपनी आत्मकथा खुल्लम खुल्ला में ऋषि कपूर लिखते हैं, “डिंपल हमारे घर का हिस्सा बन गई थीं. मैं राज कपूर को पापा बोलता था तो डिंपल भी पापा ही बोलती थी. बाद में मैंने राज जी कहना शुरु कर दिया था लेकिन डिंपल आख़िर तक उन्हें पापा ही बोलती रही.”

      ”बॉबी के दौरान मैं यासमिन के साथ रिश्ते में था. उसने मुझे एक अंगूठी दी थी. लेकिन शूटिंग के दौरान कई बार डिंपल वो अंगूठी निकाल कर पहन लेती. जब राजेश खन्ना ने डिंपल को प्रपोज़ किया तो उन्होंने वो अंगूठी निकालकर समंदर में फ़ेंक दी. प्रेस में बहुत बातें हुईं. तब हमारे बारे में कई बातें छपीं. लेकिन हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं था. हाँ बतौर हीरोइन तब मैं उसे लेकर पोज़ेसिव था.”राज कपूर के विज़न को ऋषि और डिंपल ने बख़ूबी पर्दे पर उतारा फिर चाहे वो गाने हों, डांस हो या एक्टिंग. फ़िल्म में ऋषि कपूर और डिंपल की पहली मुलाक़ात उसी पल को दोहराती है, जब राज कपूर और नरगिस पहली बार मिले थे. ख्वाजा अहमद अब्बास ने तो ट्रैजिक अंत लिखा था जिसे बाद में हैप्पी एंडिग में बदल दिया गया.”

      बॉबी की सफलता में आनंद बख़्शी के गानों और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत का बड़ा रोल रहा. राज कपूर एक नए गायक शैलेंद्र सिंह को ऋषि कपूर के लिए लेकर आए थे.पुराने दिनों को याद करते हुए शैलेंद्र ने बताया था, “राज कपूर साहब को एक नई आवाज़ चाहिए थी. वो कहते थे कि हीरो 16 साल का लड़का है, इसलिए गायक को भी लगभग इसी उम्र का होना चाहिए. इस तरह बॉबी से मेरा करियर शुरू हुआ.. बॉबी फ़िल्म का मुहूर्त मेरे गाने मैं शायर तो नहीं से हुआ था.””राज कपूर को गानों और संगीत की बहुत समझ थी. एक गाने की रिकॉर्डिंग के दौरान लता जी आई नहीं थीं. इस दौरान गाने में मैं अपना हिस्सा गा रहा था और लता जी का हिस्सा राज कपूर गा रहे थे. उन्हें पूरा गाना याद था.”

      बॉबी की बात करें तो इसकी युवा प्रेम कहानी और कहानी कहने का राज कपूर का तरीक़ा दोनों की फ़िल्म की सफलता में भूमिका रही.फ़िल्म की जान इसके सहायक किरदार भी थे भले वो दुर्गा खोटे हो, मछुआरे के रोल में जैक ब्रगेंज़ा उर्फ़ प्रेम नाथ हों या फिर ऋषि कपूर के अख्खड़ बाप के रोल में प्राण या फिर विलेन प्रेम चोपड़ा.प्रेम चोपड़ा की पत्नी और राज कपूर की पत्नी दोनों बहनें थीं और इस फ़िल्म में वो सिर्फ़ एक छोटा सा कैमियो कर रहे थे. वो फ़िल्म के आख़िरी हिस्से में कुछ देर के लिए आते हैं.लेकिन उनका वो सीन आज भी याद किया जाता है, जब घर से भागी हुई बॉबी का हाथ पकड़ते हुए वो बोलते हैं- प्रेम नाम है मेरा प्रेम चोपड़ा.

      ऋषि कपूर, संजीव कुमार (कोशिश), अमिताभ बच्चन (ज़ंजीर), धर्मेंद्र (यादों की बारात) और राजेश खन्ना (दाग़) में से बॉबी के लिए ऋषि कपूर को फ़िल्मफ़ेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला.

      अपनी आत्मकथा खुल्लम खुल्ला में ऋषि कपूर ने लिखा, “किसी ने मुझे पैसे के बदले एक पुरस्कार दिलाने का ऑफ़र दिया था. मैंने कहा क्यों नहीं. मुझे इस बात का अफ़सोस है. मैं सिर्फ़ 20-21 साल का था. बॉबी के साथ अचानक मैं स्टार बन गया. लेकिन मुझे नहीं पता कि वो पैसे सच में आयोजकों के पास पहुँचे या नहीं. पर मैंने उसे 30 हज़ार रुपए दिए. .”

      दिलचस्प बात  कि शैलेंद्र सिंह का भी  कहना था, “बॉबी के लिए मुझे बेस्ट सिंगर का अवॉर्ड ऑफर हुआ था, लेकिन मैंने मना कर दिया था. मैं वजह नहीं बता सकता. भारत में अवॉर्ड की कोई अहमियत नहीं है, अच्छे गानों को अवॉर्ड नहीं मिलता है.”

      गानों के अलावा बॉबी की मज़बूत कड़ी इसका स्क्रीनप्ले है, जिसे पी साठे ने ख़्वाजा अहमद अब्बास के साथ लिखा था और अब्बास साहब तब करीब 58 साल के थे. बॉबी का नॉस्टेलजिया आज भी बना हुआ है, कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में दिख ही जाता है.

      मसलन कश्मीर में जिस होटल के कमरे में ‘अंदर से कोई बाहर न आ सके’ वाला गाना शूट हुआ था वो आज भी बॉबी हट के नाम से मशहूर हैं और लोग उसे देखते आते हैं. या फिर जब अमेरिकी सैलून में बाल कटाते वक़्त जब एक रूसी फ़ैन ने ऋषि कपूर को पहचान लिया और अपने फ़ोन से मैं शायर तो नहीं बजाकर सुनाया.

      बंदिशों को तोड़ता प्रेम, अमीरी-ग़रीबी को पाटता प्यार, फ़ैशन स्टेटमेंट बनाती ये युवा प्रेम कहानी आज भी बेहतरीन टीनएज लव स्टोरी के रूप में याद की जाती है.

  • चीन के हांगचोओ में एशियाई खेलों में अर्जुन चीमा, सरबजोत सिंह और शिव नरवाल की भारतीय टीम ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक हासिल किया।
  • वूशु में भारत की रोशिबिना देवी ने रजत पदक जीता। फाइनल में रोशिबिना को चीन की वू जियाओ वेई से हार का सामना करना पडा है।
  • घुड़सवारीमें भारत के अनुश ने कांस्य पदक जीत लिया है। अनुश ने व्यक्तिगत ड्रेसेज स्पर्धा में 73.030 का स्कोर कर तीसरे स्थान के साथ कांस्य पदक जीता। भारत का घुड़सवारी में दूसरा पदक है, इससे पहले भारत घुड़सवारी में स्वर्ण पदक जीत चुका है।
  • स्‍क्‍वॉश में भारत की पुरूष टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। क्‍वार्टर फाइनल में भारत ने नेपाल को 3-0 से पराजित किया। महिला टीम ने अपने अंतिम पूल मैच में मलेशिया से 0-3 से हार के बावजूद सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का किया।
  • महिला बैडमिंटन में भारतीय टीम ने मंगोलिया को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। भारत का अंतिम आठ में थाईलैंड से मुकाबला होगा। पीवी सिंधु ने मंगोलिया की खिलाडी को 21-2, 21-3 से पराजित किया। इसके बाद अश्मिता चालिहा और अनुपमा उपाध्याय ने अपने-अपने सिंगल्‍स मैच में जीत लिये।
  • मुक्केबाजी में राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में सऊदी अरब की हदील गजवान अशोर को हरा दिया। अपने पहले एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही जैस्मिन ने पांच मिनट से भी कम समय में हदील को करारी शिकस्त दी। जैस्मीन का खेल इतना आक्रामक था, कि रैफरी को मुकाबला बीच में ही रोकना पडा।
  • टेबल टेनिसमें अचंत शरत कमल और जी साथियान की जोड़ी मंगोलिया की जोड़ी को हराकर पुरुष डबल्‍स के प्री क्‍वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। मनुष उत्‍पल भाई शाह और मानव विकास ठक्‍कर की जोडी मॉलदीव के अहमद मूसा और मोहम्‍मद इस्‍माइल की जोडी को हराकर प्री-क्‍वार्टर फाइनल में पहुंच गई है। महिला सिंगल्‍स में मणिका बत्रा नेपाल की नबिता श्रेष्‍ठ को हराकर प्री-क्‍वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं।
  • टेनिस में पुरुष डबल्‍स में रामकुमार रामनाथन और साकेत माइनेनी की जोड़ी फाइनल में पहुंच गई है। सेमीफाइनल में रामकुमार और साकेत की जोड़ी ने कोरिया की जोडी को पराजित किया। रोहन बोपन्ना और ऋतुजा भोसले की जोडी मिक्‍स्‍ड डबल्‍स के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। क्‍वार्टर फाइनल में बोपन्‍ना और ऋतुजा ने कजाकिस्‍तान की जोडी को 7-5 , 6-3 से हराया। सेमीफाइनल में भारतीय जोडी का सामना चीनी ताइपे से होगा।
  • तैराकी मेंभारत की चार गुणा 100 मीटर पुरुष और चार गुणा 200 मीटर महिला फ्रीस्टाइल रिले टीम राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए फाइनल में पहुंच गई हैं। श्रीहरि नटराज, तनीष जॉर्ज मैथ्यू, अनिल कुमार और विशाल ग्रेवाल ने हीट में तीन मिनट 21 दशमलव दो-दो सेकेंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए चार गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई।
  • बम्‍बई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक आज 610 अंक गिरकर 65 हजार 508 पर बंद हुआ। नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज का निफटी भी 193 अंक घटकर 19 हजार 524 पर आ गया।
  •  ।उदयपुर में दोनों कीमती धातुओं के भाव इस प्रकार रहे
    सोना 22 कैरेट 1 ग्राम₹  5559 सोना 24 कैरेट 1 ग्राम ₹ 5863
    चांदी 1 किलो बार का भाव रहा ₹₹ 76500
  • मौसम
  • पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश का दौर अब थमने वाला है क्योंकि मानसून की विदाई होने जा रही है। हालांकि मौसम केंद्र के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश के इन 5 जिलों उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। प्रदेश के अन्य जिलों में बादलों की आवाजाही रहने और दिन और रात के तापमान में उतार चढ़ाव रहने की संभावना है। पश्चिमी इलाकों में दिन के तापमान में उतार चढ़ाव रहने की आशंका है।
  • पिछले 24 घंटे में बीसलपुर बांध के जलस्तर में दो सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सहायक नदी त्रिवेणी में पानी का बहाव तीन मीटर से ज्यादा होने पर बांध में भी पानी की आवक तेज हुई। हालांकि फिर से त्रिवेणी नदी में पानी का बहाव 2.90 मीटर पर आ गया है। सुबह बांध का जलस्तर 313.76 आरएल मीटर रेकॉर्ड किया गया है। बांध की कुल जलभराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। 
  • उदयपुर में  पिछले 24 घंटों के दौरान  तापमान रहा अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम  23 सेल्सियस
  • तो ये थीं अब तक की अपडेट्स हम फिर आएंगे और अपडेट्स लेकर बने रहिए हमारे साथ.

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